पौड़ी के भरसार में उच्च शिक्षा मंत्री का पुष्प गुच्छ सौंप स्वागत करते कुलपति प्रो. एके कर्नाटक।
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औद्यानिकी एवं वानिकी विवि भरसार परिसर स्थित कृषि विभाग केंद्र की 13वीं वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें उन्नत बीज, फसल, उत्पादन, विपणन को लेकर विस्तार से जानकारी दी गई। केंद्र की भावी योजना का खाका भी सामने रखा गया। वहीं जिले के प्रगतिशील किसानों ने भी समिति के सामने समस्याएं रखी।
औद्यानिकी एवं वानिकी विवि भरसार परिसर स्थित केवीके की बैठक का शुभारंभ विवि के कुलपति प्रो. एके कर्नाटक ने की। इस दौरान उन्होंने कहा कि किसान हमारा अभिमान है। हमें किसानों की समस्याओं के समाधान को लेकर तत्पर रहना चाहिए। कहा कि हमें मिट्टी व जल संरक्षण में सहभागी फसलों की बुआई को बढ़ावा देना होगा। पहाड़ का मोटा अनाज व दालें पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं। इन्हें उन्नत स्वरूप देने के लिए वैज्ञानिक स्तर पर काम किया जाना होगा। बताया कि विवि प्रगतिशील किसानों को प्रशिक्षण व भ्रमण के लिए हिमाचल प्रदेश ले जाने की योजना बना रहा है। वहीं केंद्र की प्रभारी डा. रश्मि लिंबू ने कहा कि आगामी वर्ष में केंद्र बच्चों के लिए पोषण किट (न्यूट्रीमिक्स) बनाने की कार्ययोजना तैयार कर रहा है। किट में मोटे अनाज (मंडुवा, झंगोरा, चौलाई, कौंड़ी) को विशेष रुप से शामिल किया गया है। उन्होंने बताया योजना के तहत पहले चरण में प्राथमिक विद्यालयों व आंगनबाड़ी केंद्र में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। डीडीएम नाबार्ड भूपेंद्र सिंह ने बताया कि पहाड़ में कृषि जोते छोटी-छोटी हैं, किसानों से सामूहिक खेती किए जाने पर जोर दिया गया है। इस मौके पर विवि के निदेशक प्रसर प्रो. सी तिवारी, उप वित्त नियंत्रक वीवी जुगरान, वैज्ञानिक डा. अंकिता नेगी, डा. गार्गी गोस्वमी, डा. विजय कुमार, ई. तेजस भौंसले आदि मौजूद रहे।
भारत रत्न गोविंद बल्लभ पंत को किया याद
पौड़ी। औद्यानिकी एवं वानिकी विवि भरसार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भारत रत्न गोविंद बल्लभ पंत को याद किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने कहा कि पंत की प्रशासनिक क्षमता के हम सभी कायल हैं। जमीदारी प्रथा उन्मूलन इसका उदाहरण है। उन्होंने साइमन कमीशन के विरुद्ध पंत के आंदोलन को भी याद किया। डा. रावत ने युवाओं से पंत के आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।