रविवार को दोपहर बाद परिषद के कार्यकर्ता भक्तियाना में आईटीआई के समीप निर्माण कार्य को देखने पहुंचे। उनका आरोप था कि निर्माण सामग्री मानक के अनुरूप नहीं है। अलकनंदा नदी से सुरक्षा के लिए सिंचाई विभाग घटिया निर्माण सामग्री का प्रयोग कर रहा है।
कार्यकर्ताओं ने निर्माण स्थल की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराते हुए एसडीएम को भी सूचना दी। काफी देर बाद जब सिंचाई विभाग के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे, तो उन्होंने काम रुकवा दिया।
उन्होंने रोष व्यक्त किया कि वर्ष 2013 की आपदा में श्रीनगर के निवासियों ने काफी नुकसान झेला है। श्रीनगर को सुरक्षित करने के लिए सुरक्षा दीवार का निर्माण किया जा रहा है।
इसमें गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। घटिया काम का खामियाजा जनता भुगतेगी। उन्होंने निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच और ठेकेदार को काली सूची में डालने की की मांग की। इस अवसर पर परिषद के जिला संयोजक सुधीर जोशी, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अर्जुन कृष्ण गैरोला, विनीत पोस्ती, अश्वनी उनियाल और शैलेश मलासी आदि मौजूद थे।