पौड़ी। खातस्यूं पट्टी की तीन सड़कों के वन भूमि संबंधी प्रस्ताव छह माह से राजस्व परिषद में डंप हैं। राजस्व परिषद से मंजूरी न मिलने से चार साल पहले स्वीकृत सड़कों पर निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। सड़क न बनने से इनसे जुड़ने वाले गांवों के लोग रोड हेड तक आने के लिए मीलों पैदल चलने को मजबूर हैं।
खातस्यूं पट्टी के कलुण, उड़खिल, कोला, गिठाली आदि गांवों को सड़क से जोड़ने लिए वर्ष 2010-10 में तीन सड़कें प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत स्वीकृत हुई थीं। इनमें सिरकिल से कलुण तक साढ़े तीन किमी, पोखरीखेत से गिठाली तक तीन किमी और नीलड़ से कोला तक तीन किलोमीटर सड़क शामिल हैं। सड़कें स्वीकृत होेने पर लोगों को जल्दी ही सड़क सुविधा से जुड़ने की उम्मीदें थीं। लेकिन अब तक उनकी उम्मीदें परवान नहीं चढ़ पाई हैं। कारण तीनों सड़कों के निर्माण में कुछ वन भूमि का होना है। इस भूमि के हस्तांतरण संबंधी प्रस्तावों को अप्रैल माह से राजस्व परिषद से मंजूरी नहीं मिल पाई है।
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इन सड़कों में निर्माण के लिए कई बार गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। सड़क न बनने से लोगों को रोड हेड तक आने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलने के लिए मजबूर हैं। - -बृजमोहन सिंह बिष्ट ज्येष्ठ उप प्रमुख पाबौ, दिनेश रावत अध्यक्ष खातस्यूं विकास समिति, राजेंद्र सिंह नेगी
पीएमजीएसवाई श्रीनगर डिवीजन की पांच सड़कें शासन स्तर पर लंबित है। इन सड़कों में निर्माण में कुछ वन भूमि पड़ रही है। स्वीकृति के लिए प्रयास हो रहे हैं। उम्मीद है शासन से इन पर जल्दी निर्माण कार्य शुरू करने की स्वीकृति मिल जाएगी। -मनोज सिंह, अधिशासी अभियंता पीएमजीएसवाई श्रीनगर खंड पौड़ी