श्रीनगर। मंजूघोष मंदिर में पारंपरिक रूप से दीपावली के दूसरे दिन होने वाले छोटा कांडा मेले का शुभारंभ शुक्रवार को ग्रामीणों के उल्लास के साथ हुआ। मेले में दूर-दूर से निशान लेकर पहुंचे ग्रामीणों ने पहले दिन 20 निशान चढ़ाए। इस मौके पर मेले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस-प्रशासन सुबह से शाम तक मंजूघोष मंदिर परिसर में ही मौजूद रहे।
देहलचौरी के मजीन कांडा क्षेत्र में छोटा कांडा के आयोजन के लिए बड़ी संख्या में ध्याणियों का उत्साह दिखाई दिया। मनौतियां पूर्ण होने पर दूर-दूर से अपनी ईष्ट देवता के मंदिर में निशान चढ़ाने के लिए 24 गांवों से श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचे। पहला निशान टिहरी जिले के बिसरखाल से मंजूघोष देवता के जयकारों के साथ मंदिर परिसर में पहुंचा। इसके बाद शाम 5 बजे बाद तक भी निशान चढ़ते रहे।
मुख्य पुजारी रोशन भट्ट ने बताया कि बड़े कांडा में देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु मेले में पहुंचेंगे। इस मौके पर पुजारी मनोज भट्ट, जगन्नाथ भट्ट, मंदिर समिति के अध्यक्ष रामप्रसाद, उपाध्यक्ष द्वािरका प्रसाद भट्ट, सामाजिक कार्यकर्ता विजय सिंह नेगी, एसडीएम रजा अब्बास, सीओ सीएल तितियाल, नायब तहसीलदार सुंदर सिंह रावत, कोतवाल उत्तम सिंह समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद था।
दूर-दूर से पहुंचती हैं ध्याणियां
कांडा मेले में मनौतियां मांगने के लिए ध्याणियां दूर-दूर से मजीन कांडा पहुंचती हैं। मनौती पूर्ण होने के बाद श्रद्धालु मंदिर परिसर में कांडा मेले के दौरान अपने मूल गांव से निशान लेकर पहुंचते हैं।
धूल से सराबोर होकर पहुंचे मेलार्थी
देहचौरी से मजीन कांडा तक आधा किमी मोटर मार्ग का पक्कीकरण नहीं हो पाया है। ऐसे में मेलार्थी धूल से सराबोर होकर मजीन कांडा तक पहुंचे। ग्रामीणों ने मार्ग को दुरुस्त न करने पर नाराजगी भी जताई। स्वाड़ गांव के जयवीर सिंह ने कहा कि पौराणिक मंदिर में पारंपरिक रूप से हर वर्ष मेला होता है। मेले के दिन कम से कम पानी का छिड़काव किया जाना चाहिए।