कोटद्वार। उत्तराखंड आशा स्वास्थ्य कार्यकत्री यूनियन के तहत आशा कार्यकत्रियों ने नगर में जुलूस निकालकर तहसील में प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी मांगाें का ज्ञापन मुख्यमंत्री को प्रेषित किया।
सीटू से संबद्ध यूनियन से जुड़ी आशा कार्यकत्रियों ने सुबह दस बजे हिंदू पंचायती धर्मशाला में एकत्रित होकर जुलूस निकाला। वह नारेबाजी करते हुए तहसील पहुंचे। आशाओं की ओर से एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया। एसडीएम की अनुपस्थिति में नायब तहसीलदार अबरार अहमद को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आशाओं का कहना है कि पहाड़ों में स्वास्थ्य के क्षेत्र में उनका महत्वपूर्ण काम है। उनमें ज्यादातर आर्थिक रूप से कमजोर तबके से हैं, जिनके परिवार का भरण पोषण इसी काम से होता है। लेकिन शासन से उनको मासिक मानदेय नहीं मिलने से उनके सामने आजीविका का संकट गहरा गया है। यही नहीं उनके नियमित कार्यों का भी अभी तक भुगतान नहीं किया गया है। जिससे सभी आशाओं में आक्रोश है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि उनको राज्य कर्मचारी घोषित किया जाय और प्रति महीने दस हजार मानदेय दिया जाए। सरकार की ओर से हर वर्ष पांच हजार रुपये दिए जाने की घोषणा हुई थी, साथ ही हर साल एक हजार रुपये बोनस की भी घोषणा पर कोई अमल नहीं किया गया। अप्रैल महीने में जननी सुरक्षा योजना, टीकाकरण कई कार्यों का भी भुगतान नहीं हो पाया है। डाट्स 2012 के कार्यों का भुगतान नहीं किया गया। रैली में यूनियन की अध्यक्ष प्रभा चौधरी, मीरा नेगी, लक्ष्मी गुसांई, सीटू के प्रांतीय उपाध्यक्ष विपिन उनियाल, उषा, यशोदा, भागीरथी भंडारी, रोशनी, जदली, चंद्रकांता, रेखा, प्रीति, मंजू नेगी, इंदू देवी आदि मौजूद थे।