पौड़ी। ग्राम्य विकास एवं पलायन आयोग के उपाध्यक्ष एसएस नेगी का कहना है कि पौड़ी और अल्मोड़ा जिले में सबसे अधिक पलायन है। पलायन के मुख्य कारणों में पहाड़ों में रोजगार के सीमित संसाधन, गुणवत्ता परक शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है।
पत्रकार वार्ता में आयोग के उपाध्यक्ष नेगी ने कहा कि विगत माह उन्होंने 24 बिंदुुओं पर सभी 7950 ग्राम पंचायतों में सर्वे कराया है। स्वयं उन्होंने जिलों में जाकर लोगों से संवाद किया है। इन सभी का विश्लेषण किया जाएगा। अभी तक 2011 की जनगणना के आंकड़ों के अनुसार 968 गांव प्रदेश भर में खाली हो चुके हैं। उत्तरकाशी के नौगांव, पुरोला के लोग सेब, लाल चावल हिमाचल बेचते हैं। चंपावत में चाय की खेती, बागेश्वर में दूध उत्पादन अच्छा कर लोग बरेली और टनकपुर बाजार में बेच रहे हैं। यहां के उत्पादों को ब्रांडिंग की जरूरत है।इससे पहले नेगी ने अपर कृषि निदेशालय स्थित पलायन आयोग के कार्यालय की मरम्मतीकरण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीण निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता एके गुप्ता को जल्द कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। इस दौरान ग्राम्य विकास उपायुक्त जीएस खाती भी मौजूद रहे।