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श्रीनगर पालिका में वितीय अनियमिताएं, डीएम ने शासन को भेजी जांच

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पौड़ी। नगर पालिका परिषद श्रीनगर की ओर से आयोजित बैकुंठ चतुर्दशी मेले में बड़ा गड़बड़झाला सामने आया है। जिलाधिकारी ने शिकायत पर हुई जांच में 4,32000 की वित्तीय अनियमितता पकड़ी है। इसके अलावा पालिका के अधिशासी अधिकारी के मौजूद रहते हुए वित्तीय अधिकार लिपिक को सौंपे जाने को गंभीर अनियमितता करार दिया गया है। जांच रिपोर्ट सचिव शहरी विकास को भेजते हुए जिलाधिकारी ने अनियमितताओं के मामले में श्रीनगर पालिका के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति दी है।
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जिलाधिकारी ने जांच में पाया कि बैकुंठ चतुर्दशी मेला वर्ष 2014 में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता और उप विजेताओं को दिए गए स्मृति चिह्नों में एक लाख 32 हजार रुपये की सरकारी धन की हानि हुई है। मेले में स्टार नाइट के लिए कुमार प्रिंस एंड पार्टी का कार्यक्रम आठ लाख 50 हजार रुपये में तय हुआ था। पालिका ने पार्टी को पांच लाख रुपये की धनराशि यूनियन बैंक के चेक से और तीन लाख 50 हजार रुपये की धनराशि का भुगतान नकद किया। जांच में नकद भुगतान को अनियमितता करार दिया गया है। बैकुंठ चतुर्दशी मेला 2014 व 15 की जांच में तत्कालीन अधिशासी अधिकारी बीके बंसल ने अपना स्पष्टीकरण दिया कि उन्होंने सिर्फ टेंडर किए थे, उसके बाद अध्यक्ष ने फाइलें अपने पास ले लीं, उन्होंने वित्तीय अनियमितताओं की आशंका को देखते हुए पालिकाध्यक्ष को पत्र लिखकर वित्तीय अधिकार अन्य को सौंपने की बात कही तो अध्यक्ष ने अधिशासी अधिकारी के वित्तीय अधिकार लिपिक को सौंप दिए। जिलाधिकारी ने इसे गंभीर अनियमितता करार दिया।

कोट------------
पालिका अपने सीमित संसाधनों से बैकुंठ चतुर्दशी मेला आयोजित करती आ रही है। मेले में खर्च की गई धनराशि का पालिका के पास पूरा हिसाब है। उसमें कोई अनियमितता नहीं हुई है। यदि कोई अनियमितता का आरोप लगा रहा है तो वह गलत है।
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-विपिन चंद्र मैठाणी, पालिका अध्यक्ष श्रीनगर

आरटीआई के तहत हुआ था खुलासा
श्रीनगर निवासी नवीन प्रकाश नौटियाल ने 11 मई 2017 को सूचना अधिकार अधिनियम के जरिए हासिल दस्तावेज जिलाधिकारी सुशील कुमार को सौंपे थे। नवीन ने नगर पालिका श्रीनगर पर 7,82,250 रुपये की वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाया था। शिकायतकर्ता ने इस संबंध में शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक को भी पत्र भेजा था।
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