पौड़ी। जिला मुख्यालय के परिवहन विभाग में तीन दर्जन बसें 8 से 15 साल पुरानी हैं। ये बसें जनपद के विभिन्न रूटों पर संचालित हो रही हैं। जिसमें आठ साल पुरानी 19 बसें हैं, जबकि 15 साल पूरा करने वाली 17 बसें शामिल हैं। विभाग के मुताबिक इन बसों का फिटनेस ठीक है और नियमित रूप से नवीनीकृत हो रही हैं। परिवहन विभाग के अंतर्गत पौड़ी में करीब 180 बसें पंजीकृत हैं।
पौड़ी- सत्यखाल - देहलचौरी मोटर मार्ग पर चुलीधार में हुए बस हादसे के बाद पहाड़ी सड़कों पर बसों के संचालन पर सवाल उठने लगे हैं। पहाड़ की तंग सड़कों पर बसों से यात्रा करना कितना सुरक्षित है और बसों का फिटनेस कैसा है, इसको लेकर लोगों में संशय है। कोठार गांव निवासी सामाजिक कार्यकर्ता भाष्कर बहुगुणा ने बताया कि पौड़ी में अधिकांश बसें पुरानी हो चुकी हैं। इन बसों में न तो पावर ब्रेक हैं और न ही ये आधुनिक तकनीकों से लैस हैं। ऐसे में उन्होंने इन बसों के संचालन पर सवाल उठाए हैं। बताया कि सत्यखाल मोटर मार्ग पर बीते मार्च माह में पेंटिंग का कार्य शुरू हुआ था। तभी ग्रामीणों ने सड़क के चौड़ीकरण की मांग उठाई थी। इसी मार्ग पर केंद्रीय विद्यालय भी पड़ता है। ऐसे में एकल लेन मोटर मार्ग पर बसों का आवागमन करना जोखिम भरा साबित हो रहा है।
अन्य कारणों से हुआ था पौड़ी बस हादसा
पौड़ी - सत्यखाल - देहलचौरी मोटर मार्ग पर बीते रविवार को हुआ बस हादसा बस के पट्टे टूटने या अन्य तकनीकी कारणों से नहीं हुआ, बल्कि अन्य कारणों से हुआ। परिवहन विभाग की मानें को जांच के बाद प्रथम दृष्ट्या इसका खुलासा हुआ है। इस बस हादसे के बाद उच्च स्तरीय समिति भी गठित की गई है। आरटीओ ने बताया कि फिर से वाहन हादसे की तकनीकी जांच होनी संभव है। जिसे उच्च स्तरीय अफसरों की देखरेख में किया जाएगा।
पौड़ी में नहीं है ऑटोमेटिक फिटनेस सेंटर
जिला मुख्यालय में आज तक भी ऑटोमेटिक फिटनेस सेंटर नहीं है। जिसके चलते परिवहन विभाग के आरआई (संभागीय निरीक्षक) वाहनों की फिटनेस पारंपरिक मैन्यूवल तरीके से ही करते हैं। जिसमें आरआई वाहन के सभी कल पुरजों के साथ ही इंजन की भी जांच करते हैं। आरआई की गहनता से की गई जांच के बाद ही वाहनों को फिटनेस नवीनीकरण किया जाता है।
पौड़ी में 17 करोड़ से बनेगा ऑटोमेटिक
परिवहन विभाग की मानें तो जिला मुख्यालय में जल्द ही ऑटोमेटिक फिटनेस सेंटर व ड्राइविंग टेस्टिंग लेन का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए शासन ने विभाग के 17 करोड़ के डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) को स्वीकृत कर लिया है। विभाग ने इसके लिए पौड़ी ब्लॉक के परसुंडाखाल में 80 नाली भूमि भी चयनित कर ली है। इस कार्य के लिए पेयजल निर्माण निगम को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। योजना के अनुसार फिटनेस सेंटर में भारी व छोटे वाहनों की जांच ऑटोमेटिक होगी। जिससे भौतिक तरीके से जांच से भी निजात मिलेगी। साथ ही जिले का पहला ऑटोमेटिक फिटनेस सेंटर कोटद्वार में बनकर तैयार है। इसके अब लोकार्पण होने का इंतजार है।
हफ्तेभर में सार्वजनिक वाहनों की फिटनेस की रिपोर्ट देनी होगी
सत्यखाल मोटर मार्ग पर हुए बस हादसे के बाद डीएम डॉ. आशीष चौहान ने परिवहन विभाग को एक हफ्ते में सभी सार्वजनिक वाहनों की फिटनेस रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए डीएम ने संबंधित एसडीएम, एआरटीओ पौड़ी व कोटद्वार को नामित किया है। डीएम ने लोगों की शिकायत पर जनपद में संचालित परिवहन निगम, जीएमओयू लि., जीएमबीएसएस व अन्य सभी सार्वजनिक वाहनों के फिटनेस रिपोर्ट तलब की है।
क्या कहते हैं अफसर
- पुराने सभी वाहनों का फिटनेस गहनता से किया जाता है। जिसमें वाहन के सभी कलपुर्जाें की बारीकी से जांच होती है। सभी तकनीकाें की जांच आरआई खुद करते हैं। विभागीय नियमानुसार पहले आठ साल वाहनों को दो साल का फिटनेस प्रमाणपत्र दिया जाता है। जबकि अगले आठ साल बाद वाहनों को हर साल फिटनेस करवाना अनिवार्य होता है। - द्वारिका प्रसाद, आरटीओ गढ़वाल संभाग।