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कार खाई में गिरी, दुग्ध व्यवसायी की मौत

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पाबौ। डेयरी से कार में दूध लेकर पाबौ आ रहे दुग्ध व्यवसायी प्रेम सिंह भंडारी (66) की शुक्रवार सुबह सड़क हादसे में मौत हो गई।
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प्रेम सिंह भंडारी की पाली गांव के नीचे डेयरी है। वह कार से पाबौ, पौड़ी, पैठाणी और किर्खू दूध सप्लाई करते थे। शुक्रवार सुबह छह बजे वह डेयरी से कार में दूध लेकर पाबौ आ रहे थे कि अचानक पाबौ पेट्रोल पंप के समीप कार अनियंत्रित होकर नदी में गिर गई। कुछ समय बाद राहगीरों को नदी में शव दिखाई दिया। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस चौकी को दी। घटनास्थल पर पहुंचे चौकी इंचार्ज आनंद मेहरा ने रेस्क्यू से प्रेम सिंह का शव नदी से बाहर निकलवाया। चौकी इंचार्ज मेहरा ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। प्रेम सिंह भंडारी के निधन के बाद पाबौ क्षेत्र में शोक की लहर है।

दुग्ध व्यवसाय कर नौजवानों के लिए बने प्रेरणास्रोत
2007 में वायु सेना से रिटायर होने के बाद शुरू किया था व्यवसाय
संजय नौटियाल
पाबौ। नौकरी से रिटायर होने के बाद हर कोई आराम करने की सोचता है, लेकिन प्रेम सिंह भंडारी 2007 में वायु सेना से रिटायर होने के बाद दुग्ध व्यवसाय शुरू कर नौजवानों के लिए प्रेरणास्रोत बने। उन्होंने पाबौ से करीब दो किलोमीटर दूर चोपड़ा गांव के नीचे 2012 में डेयरी खोलने की दिशा में काम किया। पहले उन्होंने लोगों से गांव से नीचे जमीन खरीदी और बाद में गायों को रखने के लिए गोशाला बनाई। इसके बाद डेयरी खोलने के लिए भवन निर्माण करवाया।
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सितंबर 2014 में वह लुधियाना हाल्स्टी फिजियन नस्ल की छह गायें लाए थे और दुग्ध उत्पादन का काम शुरू किया। वर्तमान में उनके पास 30 गायें हैं और सभी विदेशी नस्ल की हैं। उनसे रोज करीब 100 लीटर दूध उत्पादित हो रहा है। डेयरी में उत्पादित दूध की पैकिंग कर वह पाबौ, नौठा, पौड़ी व किर्खू बाजार आदि क्षेत्रों में बिक्री कर रहे थे। दुर्गम क्षेत्र में उन्होंने डेयरी का काम शुरू कर जहां पशुपालकों और उद्यमियों को एक नई प्रेरणा दी, वहीं डेयरी का काम शुरू करके नौजवानों को रोजगार भी उपलब्ध करवाया।
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डेयरी खोलने के बाद उन्होंने कहा था कि पहाड़ में भले ही संसाधन कम हैं, लेकिन स्वरोजगार की काफी संभावनाएं हैं। स्वरोजगार स्थापित करने के लिए समर्पित भाव से कार्य करने की जरूरत है। शुद्ध दूध होने के कारण पाबौ व पौड़ी समेत विभिन्न जगहों पर आज दूध की मांग बढ़ती जा रही है। दुग्ध उत्पादन व्यवसाय में तत्काल मुनाफा नहीं मिलता है।
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