श्रीनगर। औद्यानिक प्रशिक्षण एवं परीक्षण केंद्र में आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में उत्तरकाशी व टिहरी जिले के 57 प्रगतिशील किसानों को औद्यानिकी एवं जैविक खेती के बारे में बताया गया। साथ ही फल पौध प्रसारण, नर्सरी प्रबंधन व मौन पालन की जानकारी भी दी गई।
बृहस्पतिवार को प्रशिक्षण के समापन पर उपनिदेशक उद्यान डा. नरेंद्र कुमार ने उद्यानपतियों को औद्यानिक परिदृश्य एवं संभावनाएं विषय पर विस्तार से जानकारी दी। कहा कि विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों में उद्यानिकरण, पशु पालन, मौनपाल, बेमौसमी सब्जी के उत्पादन की अपार संभावनाएं है, जिसके लिए केंद्र व राज्य सरकार की ओर से अनेक योजनाएं भी संचालित की जा रही है। प्रशिक्षण में गढ़वाल विवि के डा. नसीरुद्दीन शाह ने सब्जियों की वैज्ञानिक खेती के बारे में बताया। जबकि गाजियाबाद से पहुंचे डा. श्रीनिवास मूर्ति ने जैविक खेती अपनाने पर जोर दिया। डा. एनएस चौधरी ने मौन पालन की आधुनिक तकनीक की जानकारी देते हुए मौन पालन को लाभकारी बताया। इस मौके पर सहायक प्रशिक्षण अधिकारी पुरुषोत्तम बडोनी ने नर्सरी की आधुनिक तकनीक व प्रबंधन को अच्छे उत्पादन के लिए जरूरी कहा। प्रशिक्षण के दौरान राधेरमण ने प्रोजेक्टर के माध्यम से भी उद्यानपतियों को विस्तार से जानकारी दीा। प्रशिक्षण के अंत में सभी उद्यानपतियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।