पौड़ी। उत्तराखंड अंतरिक्ष उपयोग केंद्र (यूसैक) से बर्खास्त कर्मी मंगलवार को मृतक मुन्नी देवी के पति देवेंद्र सिंह के घर जाकर उनसे मिले। कर्मचारियों ने कहा कि सात कर्मचारियों को वर्षों की सेवा के बावजूद बगैर किसी कारण यूसैक से हटा दिया गया। यदि मुन्नी देवी के पति की सेवा समाप्त न की गई होती तो इस तरह की घटना न होती। नौकरी चली जाने के बाद से परिवार में मानसिक तनाव बढ़ता चला गया।
यूसैक से हटाए गए कर्मचारियों ने कहा कि सात कर्मचारी आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से पिछले सात से दस साल से कार्यरत थे। डाटा एंट्री ऑपरेटर रही शीला रावत ने कहा कि केंद्र में संतोषजनक सेवा के बावजूद उन्हें हटा दिया गया। नयार नदी में अपने दो मासूम बेटों के साथ कूदने वाली मुन्नी देवी के पति देवेंद्र को यदि बहाल कर दिया गया होता तो शायद ऐसा न होता। शीला रावत ने कहा कि देवेंद्र को अक्सर उसकी पत्नी मुन्नी देहरादून बुलाए जाने के लिए कहा करती थी, लेकिन देवेंद्र की नौकरी चले जाने से वह उसे देहरादून नहीं बुला पाया। इससे परिवार में मानसिक तनाव बढ़ता चला गया। शीला रावत ने कहा कि बगैर नोटिस के कर्मचारियों को निकाला जाना अन्याय है। सभी कर्मचारियों को बहाल किया जाए। मुन्नी देवी के पति से मिलने वालों में मोहन दास, दीपक भंडारी व जयंत शाह शामिल रहे।