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पौड़ी के तीन ब्लॉकों में बेटियों की संख्या बढ़ी

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पौड़ी। जिले के ब्लाक बीरोंखाल, एकेश्वर व थलीसैंण में बेटियों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में आशा कार्यकत्रियों ने 0-6 वर्ष के बालक-बालिकाओं की सर्वे रिपोर्ट सीएमओ को सौंपी है। इस रिपोर्ट में शेष 12 ब्लाकों में बेटियों की संख्या में घटौती बरकरार दिखाई गई है।
बेटियां बेटों से कम नहीं है, लोग अब समझने लगे हैं। यही वजह है कि पौड़ी जिले के तीन ब्लाकों में बेटियों की संख्या बढ़ी है। अल्ट्रासाउंड मशीनों पर प्रशासन की पैनी नजर है और लिंग परीक्षण की सूचना मिलते ही कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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सीएमओ डा. रमेश चंद्र सिंह राणा के निर्देश पर आशा कार्यकत्रियों ने जिले के 15 ब्लाकों में सर्वे किया। पहली जनवरी से 20 जनवरी 2018 के इस सर्वे में तीन ब्लाकों में बेटियों की संख्या बेटों से अधिक दिखाई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक बीरोंखाल में 1000 बालक व 1020 बालिकाएं, एकेश्वर में 590 बालक व 638 बालिकाएं व थलीसैंण में 2175 बालक व 2394 बालिकाएं दर्ज की गई हैं। सबसे अधिक बेटियों की संख्या थलीसैंण ब्लाक में दर्ज की गई। यहां 219 बेटी बढ़ी हैं। अन्य 12 ब्लाकों में 1000 हजार पर 942 बेटियां दर्शाई गई हैं।
जिले के दूरस्थ ग्रामीण हिस्सों में अल्ट्रासाउंड मशीनें नहीं हैं। इसकी बड़ी वजह यह भी है कि यहां बेटियों की संख्या बढ़ रही है। इसके इतर शहरों के नजदीकी ब्लाकों में बेटियों की संख्या में घटौती लगातार बरकरार है। आंकडे़ इसकी तस्दीक कर रहे हैं
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ब्लाक बालक बालिकाएं
द्वारीखाल 1004-695
दुगड्डा 4175-3584
जयहरीखाल 596-556
कल्जीखाल 568-524
खिर्सू 730-578
कोट 546-515
नैनीडांडा 772-684
पाबौ 923-896
पोखड़ा 541-484
पौड़ी ग्रामीण 640-638
रिखणीखाल 789-732
यमकेश्वर 1240-1205
आंकड़ों के मुताबिक पौड़ी में बेटी और बेटियों में मात्र दो का ही अंतर है।
कोट
-सुशील कुमार जिलाधिकारी गढ़वाल।
कोट
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ को लेकर स्वास्थ्य विभाग अभियान संचालित कर रहा है और हर बेटी की जिम्मेदारी भी प्रशासन ले रहा है। लोगों में जागरूकता आई और जिसके परिणाम सामने हैं। -डा. आरएस राणा, सीएमओ पौड़ी।
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