पौड़ी। जिले में ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन मात्र तीस किमी क्षेत्र में ही दौड़ेगी। रेल लाइन में 13 गांवों के 45 भवन, राजकीय संयुक्त चिकित्साल व जीएनटीआई का मैदान प्रभावित होगा। इस तीस किमी पर एक अरब 42 करोड़ 18 लाख 77 हजार दो सौ 20 रुपये का खर्चा होगा। प्रशासन ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग प्रस्तावित रेल लाइन को जिलाधिकारी सुशील कुमार ने अंतिम रूप दे दिया है। रेल विकास निगम को पूरा मसौदा भी भेज दिया गया है। प्रस्तावित योजना में राजकीय संयुक्त चिकित्सालय श्रीनगर, जीएनटीआई ग्राउंड व 13 गांवों के 45 भवन प्रभावित होंगे। प्रशासन ने सर्किल रेट के आधार पर मुआवजा तय कर दिया है। मुआवजे पर 24 करोड़ 24 लाख 30 हजार 33 रुपये खर्च होंगे। ग्राम सभा के विकास कार्यों पर 85 करोड़ 25 लाख 58 हजार 4 सौ 9 रुपये, पेयजल लाइनों की शिफ्टिंग पर 69 लाख 45 हजार रुपये व विद्युत लाइनों की शिफ्टिंग पर तीन करोड़ 19 लाख 97 हजार 78 रुपये खर्च होंगे। जिले में रेल लाइन ग्राम सौड़ से कलियासौड़ तक है। श्रीनगर में रेल जीएनटीआई ग्राउंड से राजकीय संयुक्त चिकित्साल दौड़ेगी और उसके बाद सुरंग मार्ग से आगे बढ़ेगी। रेल पथ का पूरा खाका तैयार हो चुका है और अब रेलवे विकास निगम जल्दी ही निर्माण भी शुरू कर देगा।
कोट
राजकीय संयुक्त चिकित्सालय का कुछ हिस्सा ध्वस्त होना है और उसके स्थान चिकित्सालय के पास की ही जमीन पर नई इमारत तैयार की जानी है। नोटिफिकेशन जारी कर दिए गए हैं। प्रशासन श्रीनगर व आसपास के गांवों को साथ लेकर कार्य कर रहा है। रेल के साथ ही गांवों का भी बेहद खूबसूरत तरीके से विकास किया जाएगा। इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
-सुशील कुमार जिलाधिकारी गढ़वाल।