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जनपद पौड़ी में विकास की धुरी बनी आधी आबादी

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पौड़ी। विश्व आज आधी आबादी के लिए विश्व महिला दिवस मना रहा है। वहीं जनपद पौड़ी में विकास की धुरी ही आधी आबादी बन गई है। वे अपनी कार्यकुशलता, क्षमता व दायित्व के निर्वहन से नई पहचान गढ़ रही हैं। जनपद पौड़ी में मुख्य विकास अधिकारी, चार खंड विकास अधिकारी के पदों पर महिला अधिकारी सेवारत हैं। ये जनपद के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में मातृशक्ति को सशक्त बनाने की दिशा में ठोस प्रयास कर रही हैं।
जनपद पौड़ी में मुख्य विकास अधिकारी के पद पर दीप्ति सिंह सेवारत हैं, जो मूलरूप से जनपद बागेश्वर के बहुली गांव की रहने वाली हैं। वह एसडीएम धनोल्टी, टिहरी, नरेंद्रनगर, पिथौरागढ़ व गंगोलीहाट में बेहतर प्रशासनिक सेवाएं दे चुकी हैं। दीप्ति सिंह केएमवीएन में महानिदेशक, अपर जिलाधिकारी चंपावत व ऊधमसिंह नगर का दायित्व भी निभा चुकी हैं। उनके सीडीओ पौड़ी का पदभार संभालने के बाद जनपद में महिलाओं को आजीविका से जोड़ने का काम बड़े पैमाने पर हुआ है। जनपद पौड़ी में एनआरएलएम के तहत तीन हजार स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया। इससे जुड़ी 21 हजार से अधिक महिलाएं आज अपनी आजीविका स्वयं चला रही हैं। वहीं जनपद के विकास खंड दुगड्डा में सुमन राणा, यमकेश्वर ब्लाक में अर्पणा बहुगुणा, एकेश्वर में सुमनलता रावत और द्वारीखाल में आतिया परवेज खंड विकास अधिकारी के पद पर सराहनीय सेवाएं दे रही हैं।
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समाज कल्याण की अहम जिम्मेदारी भी संभाल रहीं महिला अधिकारी
पौड़ी। समाज कल्याण जैसे अहम महकमे की जिम्मेदारी भी जनपद पौड़ी में महिला अधिकारी संभाल रही हैं। पौड़ी में सुनीता अरोरा समाज कल्याण अधिकारी हैं। उनकी भी यह पहली नियुक्ति है। वह ऊधमसिंह नगर के काशीपुर की मूल निवासी हैं।
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मूल जनपद में ही मिली पहली तैनाती
पौड़ी। जनपद के तहसील लैंसडौन में एसडीएम के पद पर सेवारत अर्पणा ढौंडियाल मूलरूप से जनपद पौड़ी के विकास खंड पाबौ स्थित गुन्ना गांव की हैं। उन्होंने वर्ष 2012 में पहले ही प्रयास में उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षा उत्तीर्ण की। यह उनकी पहली तैनाती है।
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