गढ़वाली फिल्मों के निर्देशक व गीतकार गणेश वीरान ने प्रदेश में फिल्म बोर्ड का गठन नहीं किए जाने को निराशाजनक करार दिया है। रविवार को पौड़ी में गढ़वाली फिल्म निर्देशक व गीतकार गणेश वीरान ने पत्रकारों से वार्ता की।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि फिल्म जगत लगातार उत्तराखंड में फिल्म बोर्ड बनाए जाने की मांग उठा रहा है, लेकिन सरकार इस मांग को अनसुना कर रही है। इससे फिल्म जगत से जुड़े निर्माता, निर्देशक व कलाकारों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
वीरान ने कहा कि प्रदेश सरकार बालीवुड के फिल्म निर्माताओं को उत्तराखंड में शूटिंग करने पर छूट दे रही है, लेकिन उत्तराखंड के फिल्म निर्माताओं व निर्देशकों को इससे वंचित रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद यहां के फिल्म निर्देशकों को बड़ी उम्मीद थी कि अब उनके दिन बहुरेंगे और राज्य में फिल्म बोर्ड का गठन होगा, लेकिन यहां भी अभी तक मायूसी ही हाथ लगी है।
वीरान ने कहा कि उत्तराखंड में काफी संख्या में बेहतर कलाकार हैं। फिल्मांकन की भी असीम संभावनाएं हैं, लेकिन थियेटर तक मुहैया नहीं हो पा रहा है, जबकि देश के अन्य राज्यों में क्षेत्रीय भाषा में बनी फिल्मों को पहले प्राथमिकता दी जाती है। उन्होंने कहा कि फिल्म बोर्ड का गठन न होने से यहां के निर्देशकों को सब्सिडी भी नहीं मिल पा रही है। उन्होंने उत्तराखंडी फिल्म जगत की भावनाओं को देखते हुए राज्य में जल्दी ही फिल्म बोर्ड के गठन की मांग सरकार से की।