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सरकारी अस्पताल और निजी औषधालयों में एंटी रैबीज वैक्सीन खत्म

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श्रीनगर। सरकारी अस्पतालों सहित निजी मेडिकल स्टोरों में एंटी रैबीज वैक्सीन खत्म होने से बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। पिछले डेढ़ महीने से सरकारी अस्पताल में यह दिक्कत बनी हुई है। जबकि राजकीय मेडिकल कॉलेज में बेहद कम ही वैक्सीन उपलब्ध हो पा रही है। इधर, निजी मेडिकल स्टोरों में पिछले पंद्रह दिनों से वैक्सीन नहीं मिल पा रही है।
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अस्पतालों में बंदरों व कुत्तों के काटने से मरीज दिन प्रतिदिन बढ़ रहे हैं। पिछले जनवरी माह से अब तक राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में 400 से अधिक मरीज और राजकीय संयुक्त अस्पताल में 280 से अधिक मरीज एंटी रैबीज का टीका लगाने पहुंचे हैं। दोनों अस्पतालों में इन दिनों प्रतिदिन जानवरों के काटे हुए लगभग 10-15 मरीज आ रहे हैं, लेकिन उनको ना तो अस्पताल और ना ही निजी मेडिकल स्टोरों में वैक्सीन मिल रही है। बेस अस्पताल के लिए समस्या यह है कि यहां अन्य जिलों से भालू या गुलदार के हमले में घायल लोग पहुंचते हैं, जिनके लिए टीके की व्यवस्था करनी मुश्किल हो रही है।
कैमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेश नौटियाल ने बताया कि उनके मेडिकल स्टोर पर प्रतिदिन लगभग 15 लोग वैक्सीन खरीदने के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन पिछले डेढ़ माह से सप्लाई बंद होने की वजह से मेडिकल स्टोर स्वामी वैक्सीन नहीं दे पा रहे हैं।
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- डेढ़ माह से एंटी रैबीज टीके नहीं है। डीजी हेल्थ के साथ ही प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र देहरादून को डिमांड भेजी गई थी, लेकिन वैक्सीन उपलब्ध नहीं हो पायी। डा. एसएस चौहान, चिकित्सा अधीक्षक, राजकीय संयुक्त अस्पताल श्रीनगर
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- सप्लायर्स को जितनी डिमांड भेजी जा रही है। उतनी वैक्सीन नहीं मिल रही है। आरपी सेमवाल, सेंट्रल स्टोर इंचार्ज मेडिकल कॉलेज श्रीनगर

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