पौड़ी। जनपद पौड़ी के पलायन प्रभावित गांवों में बाहरी लोगों की बढ़ती आमद पर उक्रांद ने विरोध शुरू कर दिया है। उक्रांद ने कहा कि पहाड़ के जल, जंगल व जमीन को कब्जाने की साजिश रची जा रही है। जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। कहा कि बाहरी लोगों के बसने पर जल्द रोक नहीं लगाई जाती है, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
बृहस्पतिवार को जिलाध्यक्ष उक्रांद मनमोहन पंत के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल ने एडीएम पौड़ी से मुलाकात की। इस मौके पर पंत ने बताया कि जनपद पौड़ी में पलायन से प्रभावित गांवों में लगातार बाहरी लोगों के आकर बसने की घटनाएं बढ़ रही हैं। सीमित संख्या में बचे मूल निवासियों को ये डरा धमका रहे हैं। उन्होंने जहरीखाल ब्लाक के ग्राम सभा पंडेरी के मंजकोट गांव की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि मंजकोट में बाहरी लोगों ने स्थानीय लोगों का जीनादूभर किया है। गांव की महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। पुलिस व राजस्व पुलिस ग्रामीणों की शिकायत पर कार्रवाई करने को तैयार नहीं है। पूर्व जिला उपाध्यक्ष विपिन रावत व पूर्व केंद्रीय प्रवक्ता सुरेश चंद्र जुयाल ने कहा कि पहाड़ में बाहरी लोगों की आमद को जल्द रोका नहीं गया, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। उक्रांद के प्रतिनिधिमंडल ने एसएसपी पौड़ी को भी ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर दिगंगर भट्ट, संजय, सुबोध, सहदेव आदि मौजूद थे।