श्रीनगर। विकासखंड कीर्तिनगर के श्रीनगर जल विद्युत परियोजना में नौकरी से हटाए गए कर्मियों का सांकेतिक धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। इस मौके पर सेवा से हटाए गए कर्मियों ने परियोजना संचालन कंपनी पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। कहा कि परियोजना का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद कंपनी प्रभावितों के साथ किए गए अनुबंध का पालन नहीं कर रही है।
बृहस्पतिवार को ग्राम पंचायत मढ़ी के चंद्रबदनी मंदिर परिसर में धरने पर बैठे कर्मियों ने परियोजना संचालक कंपनी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कहा कि कंपनी ने परियोजना का निर्माण कार्य शुरू करने से पूर्व व निर्माण के दौरान प्रभावितों के साथ कई अनुबंध किए थे, लेकिन अब कंपनी उन अनुबंधों का पालन नहीं कर रही है। कंपनी ने कार्यरत 90 कर्मियों को सेवा से बाहर कर लिया है, जिससे कई परिवारों के संमुख रोजी रोटी का संकट पैदा हो चुका है। कर्मियों ने कहा कि 17 जून को प्रशासन की अध्यक्षता में कंपनी प्रशासन व प्रभावितों की बैठक आयोजित की जा रही है। बैठक में प्रभावितों के हितों के अनुरूप निर्णय नहीं लिया गया व नौकरी से हटाए गए कर्मियों की बहाली नहीं की गई तो उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस मौके पर पुलिस प्रशासन के साथ ही महेश जोशी, माधवानंद बहुगुणा, अमित रतूड़ी, शशि रावत, सुशीला देवी, पवन कुमार, चतर सिंह, राकेश चौहान, सूरत सिंह आदि मौजूूद थे।