श्रीनगर। गढ़वाल विवि के डिप्लोमा कोर्स छात्रों को लुभाने में सफल नहीं हो पा रहे हैं। विवि की ओर से पांच डिप्लोमा पाठ्यक्रम (एक वर्षीय) संचालित हो रहे हैं। लेकिन एक पाठ्यक्रम को छोड़कर किसी भी पाठ्यक्रम मे प्रवेश के लिए आवेदनों की संख्या दहाई का अंक नहीं छू पाई है।
गढ़वाल विवि के पीजी पाठ़्यक्रमों के साथ ही डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के प्रति भी छात्रों का रुझान कम हो गया है। विवि की ओर से संचालित हो रहे एक वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम छात्रों को लुभाने में सफल नहीं हो पा रहे हैं। विवि के पंाच विभागों में एक वर्षीय डिप्लोमा पाठ़्यक्रम संचालित हो रहे हैं। जिनमें पर्यावरण प्रबंधन, योगा साइंस, कंपनी प्रबंधन, व्यापार प्रबंधन व टूरिज्म शामिल है। व्यापार प्रबंधन में संचालित हो रहे एक वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम में ही सबसे अधिक 12 आवेदन आए हैं। जबकि अन्य सभी में एक से लेकर 6 तक ही आवेदन आए हैं।
इसके अलावा पीजी पाठ्यक्रम के तहत हिमालय बायोडायर्सिटी (5), एमए म्यूजिक तबला (1), एमएम म्यूजिक वोकल (5), अनौपचारिक शिक्षा (8), दर्शनशास्त्र (6) व एमटैक (9) में भी आवेदनों की संख्या दहाई तक नहीं पहुंच पाई है।
विवि के पाठ्यक्रमों के प्रति छात्रों का रुझान बढ़ाने के लिए विवि को कार्ययोजना तैयार करनी होगी। जल्द ही इस संबंध में कुलपति से वार्ता की जाएगी।
अंकित उछोली, कार्यवाहक छात्र संघ अध्यक्ष बिड़ला परिसर।
-- विवि के छात्रों के साथ मिलकर अभियान चलाया जाएगा। जिन विषयों में छात्रों की रुचि कम है, उनके प्रति छात्रों को जागरूक किया जाएगा।
रामप्रकाश रैम्स, सचिव छात्र संघ बिड़ला परिसर।