पौड़ी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जेआर जोशी ने कहा कि विवेचक मुकदमों की विवेचना में गुणात्मक सुधार लाएं। इस दौरान कोई भी ऐसी गलती न की जाए, जिसका अभियुक्तों को लाभ मिले। उन्होंने कहा कि इन गलतियों का कई बार अभियुक्त लाभ उठा ले जाते हैं और मुकदमों से बरी हो जाते हैं।
पुलिस लाइन में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के रविवार को अंतिम दिन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि विवेचना में छोटी सी गलती के चलते कई बार अभियुक्त इसका फायदा उठा ले जाते हैं। उन्हें किसी तरह का लाभ न मिल पाए, इसके लिए विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार सिंह, जिला शासकीय अधिवक्ता अवनीश नेगी एवं प्रभारी ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी श्रद्धा रावत ने विधि एवं विभिन्न अधिनियमों में हुए संशोधनों की जानकारी दी। उन्होंने न्यायालयों के ऐसे निर्णयों के बारे में भी बताया, जो कानून का रूप लेते हैं। कार्यशाला में पुलिस क्षेत्राधिकारी धन सिंह तोमर ने कहा कि विवेचना के दौरान गलती की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।