पौड़ी। जिला पंचायत से गायब मेजरमेंट बुक संख्या-39 की जांच तहसीलदार ने शुरू कर दी है। तहसीलदार ने इस बारे में जूनियर इंजीनियर सुदर्शन रावत को मौके पर मुआयना करवाने के निर्देश दिए हैं। हालांकि जेई ने अब तक तहसीलदार को एमबी में दर्ज तीन करोड़ से अधिक धनराशि के कार्यों का ब्यौरा तक उपलब्ध नहीं करवाया है।
वर्ष 2014 की मेजरमेंट बुक संख्या 39 जिला पंचायत से गायब है। गायब एबी में तीन करोड़ के कार्य दर्शाए गए हैं। सीडीओ रवनीत चीमा के आदेश पर जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश ने मामले की जांच फरवरी में तहसीलदार पौड़ी को सौंपी। सीडीओ रवनीत चीमा ने मामले को गंभीर करार देते हुए जांच के आदेश दिए। इस मामले की जांच 15 दिन में पूरा करने के निर्देश दिए गए, लेकिन जांच फरवरी बीत जाने के बाद भी सामने नहीं आई है। जांच अधिकारी तहसीलदार हरि मोहन खंडूड़ी का कहना है कि एमबी जिला पंचायत के जेई सुदर्शन की है और सुदर्शन से कार्यों का ब्योरा मांगा गया है। ब्योरा जेई ने अभी तक उपलब्ध नहीं करवाया है। इस पर सीडीओ को पत्र भेजा गया है। उन्होंने कहा कि सरकारी धन में गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं होगी और इस पर कार्रवाई की जाएगी।