फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सुरक्षा कर्मियों की बहाली पर बनी अनिश्चितता, प्रदर्शन

विज्ञापन
विज्ञापन
पौड़ी। एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विवि के बीजीआर परिसर पौड़ी में सुरक्षा कर्मियों की बहाली को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। जिसको लेकर सुरक्षा कर्मियों व छात्रों ने परिसर में विवि व परिसर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। वहीं परिसर निदेशक ने कहा कि सुरक्षा कर्मियों की नियुक्ति को लेकर विवि प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएगा।
विज्ञापन

मंगलवार को बीजीआर परिसर पौड़ी में सुरक्षा कर्मियों व छात्रों ने विवि, परिसर प्रशासन व सेवा प्रदाता कंपनी के खिलाफ भी नारेबाजी की। इस मौके पर छात्र संघ अध्यक्ष अरविंद नैथानी ने कहा कि विवि प्रशासन हमेशा से पौड़ी परिसर की उपेक्षा करता आया है। परिसर में दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब, असहाय लोग सुरक्षा कर्मी के रुप में लंबे समय से सेवाएं दे रहे हैं। जिन्हें पहले 30 अप्रैल तक बाहर किए जाने का फरमान सुनाया गया, लेकिन श्रीनगर में छात्रों के आंदोलन के बाद 22 अप्रैल को बहाली का आदेश आया। लेकिन अब परिसर प्रशासन ज्वानिंग नहीं दे रहा है। पूर्व विवि प्रतिनिधि भारत भूषण नेगी व अभाविप के जिला संयोजक नितिन रावत ने कहा कि परिसर प्रशासन बहाल सुरक्षा कर्मियों को जल्द ज्वानिंग नहीं देता है तो परिसर में तालाबंदी कर दी जाएगी। परिसर निदेशक प्रो. केसी पुरोहित ने बताया कि परिसर में सुरक्षा कर्मियों की नियुक्ति व हटाए जाने में परिसर प्रशासन का कोई हस्तक्षेप नहीं है। उन्होंने बताया कि परिसर में कुल 23 सुरक्षा कर्मी सेवारत हैं। जिनमें से 12 को विवि द्वारा अनुबंधित सुरक्षा एंजेसी ने 30 अप्रैल तक हटाए जाने के निर्देश मिले हैं। पुरोहित ने कहा कि विवि प्रशासन की ओर से सुरक्षा कर्मियों की नियुक्ति को लेकर मिलने वाले दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएगा। इस अवसर पर आस्कर रावत, गौरव रावत आर्यन, विवेक, रश्मि बिष्ट, अर्चना बिष्ट, सरिता देवी, ऊषा देवी, लक्ष्मी देवी आदि मौजूद थे।
मौखिक रुप से किया बाहर
पौड़ी। बीजीआर परिसर के तीन सुरक्षा कर्मियों ने मौखिक रुप से बाहर किए जाने की बात कही। सुरक्षा कर्मी ऊषा देवी ने बताया कि मुझे, धर्मेंद्र कुमार व हेमंत कुमार को नवंबर 2018 को मौखिक रुप से आदेश देकर बाहर कर दिया गया। हमने परिसर व विवि प्रशासन से कारण बताए जाने और पुन: बहाली की मांग की। लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें