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तीन करोड़ के कर्ज में फंसा ग्रिड कनेक्टेड सोलर प्लांट का लाभार्थी

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पौड़ी। बैंक ऋण से 500 किलोवाट का रूफ टॉप ग्रिड कनेक्टेड सोलर प्लांट लगाने के बाद पौड़ी जिले के ओड्डा गांव निवासी डीएस रावत अब तीन करोड़ के कर्ज में फंस गए हैं। प्लांट ने एक साल पहले कार्य करना आरंभ कर दिया था, लेकिन उन्हें अनुदान अभी तक नहीं मिल पाया है। ऐसे में डीएस रावत अब न्यायालय जाने की तैयारी में जुटे हुए हैं।
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उत्तराखंड में ग्रिड कनेक्टेड सोलर प्लांट के लिए लोगों से उरेड़ा ने आवेदन पत्र मांगे थे। इस योजना में पौड़ी जिले के ओड्डा गांव निवासी डीएस रावत व सीकू के दिगंबर सिंह बिष्ट ने भी आवेदन किया। डीएस रावत व दिगंबर बिष्ट की योजनाओं को स्वीकृति मिली। सीकू के दिगंबर बिष्ट का प्लांट अभी तक ग्रिड से नहीं जुड़ पाया है, लेकिन डीएस रावत का प्लांट ग्रिड से जोड़ दिया। बैंक ने डीएस रावत को इस शर्त पर ऋण दिया कि अनुदान राशि ऋण में घटेगी। प्लांट शुरू होने के बाद उन्हें सरकार ने अब तक अनुदान नहीं दिया। ऐसे में उनका लोन ब्याज समेत अब तीन करोड़ के करीब पहुंच गया है। इस बारे में डीएस रावत ने बुुधवार को पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में ग्रिड कनेक्टेड सोलर प्लांट में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है। देेहरादून नेहरू कालोनी में आठ हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में 500 किलोवाट का प्लांट दर्शाया गया है, जबकि वहां प्लांट है ही नहीं। इसके अलावा पुष्पा शर्मा का प्लांट दो बार कमीशन किया गया। उन्होंने कहा कि उद्यम सिंह नगर, हरिद्वार व हल्द्वानी में कई लोगों ने प्लांट में फर्जी उत्पादन दर्ज कर अनुदान भी चट कर दिया। वार्ता में डीएस रावत व दिगंबर सिंह रावत ने कहा कि वे पहले उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग से शिकायत करेंगे और उसके बाद हाईकोर्ट में सरकार के खिलाफ वाद दायर करेंगे। मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर भी वे वाद दायर करने की तैयारी कर रहे हैं।
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