पौड़ी। मेजर जनरल बीसी खंडूूड़ी (सेनि) ने अपने मुख्यमंत्रित्व काल में पौड़ी को ल्वाली झील की सौगात दी। झील को उन्होंने अपने ड्रीम प्रोजेक्ट में भी शामिल किया, लेकिन यह प्रोजेक्ट जमीन पर नहीं उतर पाया। अब मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस ड्रीम प्रोजेक्ट को पूरा करने का बीड़ा उठाया है। सरकार ने ल्वाली झील के साथ ही पौड़ी जिलें में पांच और झीलों के निर्माण की कवायद शुरू कर दी है। झीलों का जियोलॉजिकल सर्वे फरवरी माह में शुरू हो जाएगा।
प्राकृतिक सुंदरता से लबरेज पौड़ी जिले को पर्यटन के नक्शे में शुमार करने की योजना पर सरकार ने कार्य शुरू किया है। पौड़ी में ल्वाली झील का स्थानीय लोग लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। सरकार ने अब इस दिशा में कार्य शुरू किया है। ल्वाली ही नहीं, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के गांव खैरासैण में भी झील प्रस्तावित की गई है। इसके अलावा पैठाणी, मरखोला, पपड़तोली, सतपुली में भी झीलों का प्रस्ताव है। कुल छह जलाशयों को शासन ने स्वीकृति दी है। झील निर्माण की शुरुआती कवायद भी शुरू कर दी गई है। सिंचाई खंड श्रीनगर ने सर्वे रिपोर्ट तैयार करने को लेकर कार्य शुरू कर दिया है। झील के जियोलॉजिकल सर्वे का कार्य फरवरी माह में शुरू हो जाएगा। सिंचाई खंड श्रीनगर ने इसके लिए संस्थाओं को आमंत्रित किया है। सर्वे का कार्य मई माह तक पूरा किया जाना है और उसके बाद झीलों का निर्माण कार्य आरंभ हो जाएगा। झीलें न सिर्फ पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करेंगी, बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा। नौकायन के साथ ही यहां पर्यटकों के लिए सुविधाएं भी जुटाई जाएंगी ताकि पौड़ी में पर्यटन संभावनाओं का विकास हो।
झीलों के जियोलॉजिकल सर्वे के लिए टेंडर आमंत्रित कर दिए गए हैं। सर्वे का कार्य फरवरी से मई तक चलेगा। इसके बाद निर्माण कार्य आरंभ होंगे।
-सुनील कुमार, अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड, श्रीनगर