पौड़ी। उत्तराखंड के चार धाम यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ व बदरीनाथ में इस बार यात्रियों को और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। गढ़वाल मंडल के आयुक्त दिलीप जावलकर ने यात्रा मार्गों पर समुचित व्यवस्थाएं जुटाने के डीएम को निर्देश दिए। बैठक में डीआईजी गढ़वाल परिक्षेत्र ने एसएसपी को निर्देश दिए कि वे इस दौरान वाहनों की विशेष रूप से जांच करें।
गढ़वाल कमिश्नर दिलीप जावलकर ने चारधाम यात्रा की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारियों व पुलिस अफसरों से यात्रा मार्गों पर होने वाली समस्याओं के विषय में जानकारी ली। बैठक में डीएम रुद्रप्रयाग मंगेश घिल्डियाल ने सुझाव दिया कि चारधाम ड्यूूटी के दौरान पीआरडी जवान को बहुत कम मानदेय मिलता है। इस पर आयुक्त ने कहा कि यात्रा में तैनात पीआरडी को भोजन की पृथक से धनराशि दी जाएगी। कहा कि खतरनाक मोड़ों पर संकेत लगाए जाएं। उरेडा विभाग के अधिकारियों को प्रकाश व्यवस्था एवं विद्युत आपूर्ति के साथ ही जनरेटर की व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए गए। यात्रा के दौरान 65 स्थानों पर पर्यटन पुलिस चौकियां अस्थायी रूप से खोलने का निर्णय लिया गया। बैठक में डीएम पौड़ी सुशील कुमार, डीएम देहरादून बी मुरूगेशन, डीएम चमोली आशीष जोशी, डीएम टिहरी सोनिका, डीएम हरिद्वार दीपक रावत, डीएम उत्तरकाशी आशीष कुमार चौहान, डीएम रुद्रप्रयाग मंगेश घिल्डियाल, एसएसपी पौड़ी जेआर जोशी, एसपी उत्तरकाशी ददनपाल, एसपी रूद्रप्रयाग पीएन मीणा, एसपी चमोली तृप्ति भट्ट, एसपी यातायात देहरादून लोकेश व एसपी ग्रामीण हरिद्वार एनके मिश्रा आदि मौजूद रहे।
आवंटित बजट में कंजूसी, कमिश्नर सख्त
पौड़ी। जिले की विकास योजनाओं में शासन से अवमुक्त धनराशि से कम खर्च होने पर आयुक्त ने नाराजगी व्यक्त की। कहा कि पौड़ी, टिहरी व देहरादून के वन विभाग ने मात्र 12 प्रतिशत धनराशि ही खर्च की है। इस पर आयुक्त ने वन संरक्षक से जवाब मांगा, लेकिन वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
आयुक्त गढ़वाल मंडल दिलीप जावलकर की अध्यक्षता में मंडल के जिला, राज्य, केंद्र पोषित और बीएडीपी योजनाओं की समीक्षा बैठक हुई। जिलों में राज्य सेक्टर के तहत गत वर्षों से अवशेष धनराशि के कम खर्च होने पर नाराजगी जताई। विधायक, सांसद निधि, एनआरएचएम, वन विभाग व चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को योजनाओं के तहत मिली धनराशि खर्च कर प्रगति लाने के सख्त निर्देश दिए हैं। बैठक में अपर आयुक्त हरक सिंह रावत, महाप्रबंधक जल संस्थान ओपी गुप्ता, मुख्य अभियंता लोनिवि ओम प्रकाश, वन संरक्षक जीके रस्तोगी आदि मौजूद रहे।