मेरठ से एक युवक नाबालिग छात्रा को भगाकर श्रीनगर लेकर आया। यहां वह एक होटल में रुके लेकिन होटल संचालन ने पहचानपत्र नहीं लिया गया और कमरा दे दिया। इस पर पुलिस ने होटल संचालक का 10,000 का चालान किया। पुलिस ने होटल संचालकों को सख्त हिदायत दी कि बिना पहचानपत्र (आईडी) के किसी को भी होटल में न ठहराया जाए। मामला संदिग्ध लगने पर पुलिस को तत्काल सूचना दें।
बुधवार देर शाम मेरठ से एक व्यक्ति श्रीनगर आया और यहां पुलिस को सूचना दी कि युवक उसकी 16 साल की बेटी को भगाकर यहां लाया है। वह इस मामले में मेरठ में मुकदमा दर्ज करा चुका है। इस पर पुलिस ने मोबाइल फोन की लोकेशन के आधार पर दोनों को श्रीनगर स्थित ऋषिकेश बस अड्डे पर स्थित एक होटल से बरामद कर लिया। पूछताछ में पुलिस को पता चला कि युवक और नाबालिग तीन दिन से होटल में रुके थे। होटल संचालक ने युवक का पहचानपत्र ले लिया, लेकिन किशोरी से उसका पहचानपत्र नहीं लिया। बिना पहचानपत्र के नाबालिग को होटल में ठहराने के जुर्म में श्रीनगर पुलिस ने होटल संचालक का 10,000 रुपये का चालान किया। बाजार चौकी इंचार्ज रणवीर रमोला ने बताया कि युवक के खिलाफ मेरठ थाने में अपहरण का केस दर्ज है। यदि होटल संचालक नाबालिग का पहचानपत्र ले लेता तो पहले ही दिन मामले का खुलासा हो जाता। उन्होंने कहा कि मामला संगीन होने के बावजूद होटल संचालक ने लापरवाही बरती। कोतवाल हरिओम राज चौहान ने बताया कि दोनों के बरामद होने पर मेरठ पुलिस यहां पहुंची और दोनों को अपने साथ ले गई।