आपदा के कहर से सहमे थराली तहसील के प्रभावितों को अब अधिकारियों के निर्देश जले पर नमक छिड़कने का काम कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि व्यवस्थाएं सुधारने के नाम पर अधिकारी बिना धरातलीय जानकारियों के निर्देश दे रहे हैं।
जून के दूसरे पखवाड़े में बारिश के चलते पिंडर की बाढ़ ने चेपड़ों से राड़ीबगड़, केदारबगड़ सहित थराली गांव और बाजार, मस्जिद मार्केट, ग्वालदम रोड पर बसे गांव सहित नासिर बाजार में भारी तबाही मचाई।
पिंडर पर पूरे कस्बे को जोड़ने वाले पिंडर पुल का 30 मीटर एप्रोच मार्ग तबाह हो गया। ऐसे में बीईओ ने सार्वजनिक सूचना के माध्यम से नोटिस जारी किए कि सभी आपदा प्रभावित क्षेत्रों की छात्र-छात्राएं अपने नजदीकी स्कूलों में पढ़ाई करें।
ग्रामीण नरेंद्र भारती, रमेश चंद्र का कहना है कि यहां नजदीकी स्कूल कुलसारी जिसकी दूरी छह किमी है और दूसरा विद्यालय लोल्टी जिसकी थराली से दूरी सात किमी है। ऐसे में सिमलसैंण और मल्यापौड़ में लगातार पहाड़ी से मलबा गिर रहा है। ऐसे में सुरक्षित स्कूल पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं है।
वहीं तहसीलदार ने नासिर बाजार और मुस्लिम बस्ती को पुराने चिकित्सालय भवन पर जाने को कहा है, लेकिन भवन की जर्जर स्थिति को देखते हुए यहां नया भवन बनाया गया है।
'संबधित चिकित्सालय भवन पटवारी की जांच पर राहत शिविर बनाया गया है। मेरे द्वारा अभी भवन की स्थिति देखी नहीं गई है। हमने उद्यान और कृषि विभाग को भी राहत शिविर बनाया है।'
एसपी बौंठियाल, तहसीलदार थराली।
'यह वैकल्पिक व्यवस्था है। पहले जब स्कूल नजदीक पर नहीं थे तब भी अध्ययन करने के लए लंबी दूरी तय की जाती है। थराली से लोल्टी और कुलसारी स्कूल का स्टॉफ भी जाता है। साथ कुछ समय के छात्र-छात्राएं भी जा सकती है।'
मातादीन गौतम, खंड शिक्षा अधिकारी थराली।