धन और रुतबे का रौब भोले के दरबार में नहीं चलेगा।
केदारनाथ धाम में अब सिर्फ अशक्त और असहाय जन ही ‘वीआईपी दर्शन’ का लाभ उठा सकेंगे।
अन्य सभी को कतार में लगना पड़ेगा। बदरीधाम में पहले से ही रुतबे वालों और हेलीकाप्टर यात्रियों के लिए वीआईपी दर्शन बंद करने की घोषणा की जा चुकी है।
श्री बदरी-केदार मंदिर समिति ने तय किया है कि केदारनाथ में सिर्फ शारीरिक रूप से अशक्त और असहाय तीर्थयात्रियों को बिना लाइन में लगे दर्शन करने की सुविधा दी जाएगी।
अलबत्ता, इन्हें निर्धारित शुल्क देना होगा। तीर्थ पुरोहित ऐसे तीर्थयात्रियों की सिफारिश कर सकेंगे।
तीर्थ पुरोहितों की सिफारिश पर समिति निर्धारित शुल्क 1100 रुपये लेकर ऐसे तीर्थ यात्रियों को प्राथमिकता के आधार पर दर्शन करवाएगी।
बदरी-केदार मंदिर समिति के कार्याधिकारी अनिल शर्मा ने बताया कि तीर्थ पुरोहितों की सिफारिश पर ही असहाय श्रद्धालुलों को प्राथमिक दर्शन करवाएं जाएंगे।