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चिड़ियाघर परिसर में सैकड़ों हरे पेड़ों पर चला दी आरी

Wed, 06 Apr 2016 01:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, नैनीताल
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 चिड़ियाघर परिसर के भीतर संरक्षित प्रजाति के सैकड़ों हरे भरे पेड़ों को काटने का मामला उजागर होने के बाद वन विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। चिड़ियाघर परिसर के भीतर स्थित उक्त पेड़ों पर किसी तस्कर ने नहीं, बल्कि वन विभाग के ही कारिंदों ने आरी चलाई है। मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं राजेंद्र सिंह बिष्ट ने मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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जानकारी के मुताबिक मंगलवार दोपहर किसी व्यक्ति ने पर्यावरणविद डा. अजय रावत को फोन पर बताया कि चिड़ियाघर परिसर में स्नो लैपर्ड और डीयर पार्क के करीब बांज, तिलौंज, देवदार और बुरांश समेत अन्य प्रजातियों के सैकड़ों पेड़ों को दिन दहाड़े काट दिया गया है। सूचना मिलने पर डा. रावत मौके पर पहुंचे तो शिकायत सही मिली। डा. रावत ने काटे गए पेड़ों के ठूंठों की फोटोग्राफी की। डा. रावत ने कटे हुए पेड़ों की फोटो दिखाते हुए बताया कि परिसर के भीतर जगह-जगह सैकड़ों पेड़ों पर आरी चलाई गई है। यही नहीं परिसर में ही कटे हुए पेड़ का गिल्टा भी रखा गया है।

डा. रावत का कहना है कि मामला उजागर होने के बाद विभागीय कर्मचारी कटे हुए पेड़ों के ठूंठ भी गायब करने में जुट गए हैं। पर्यावरणविद् डा. रावत ने बताया कि पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के आदेश के मुताबिक समुद्र सतह से एक हजार मीटर से अधिक की ऊंचाई पर स्थित पेड़ों के कटान पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा हुआ है। उन्होंने बताया कि बांज, तिलौज, देवदार, बुरांश आदि के पेड़ संरक्षित श्रेणी में आते हैं। उन्होंने पूरे मामले की जानकारी मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं राजेद्र सिंह बिष्ट को दी, इस पर मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं ने मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है। सैकड़ों पेड़ों के कटान का मामला उजागर होने के बाद से वन विभाग और चिड़ियाघर के अधिकारियों में हड़कंप मचा है। इस संबंध में जब प्रभागीय वनाधिकारी तेजस्वनी अरविंद पाटिल से पूछा गया तो उन्होंने ऐसी किसी भी घटना से इंकार करते हुए कहा कि चिड़ियाघर परिसर में ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है। 
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