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बर्ड फ्लू की आशंका पर जू प्रबंधन गंभीर

Fri, 28 Oct 2016 01:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो नैनीताल
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बर्ड फ्लू की आशंका को देखते हुए नैनीताल जू प्रबंधन गंभीर हो गया है। प्रबंधन द्वारा ‘बर्ड फ्लू से घबराएं नहीं, सावधानी बरते जाने की जरूरत है’ जैसे पंफ्लेट को जू परिसर के मुख्य द्वार से लेकर परिसर के भीतर जगह-जगह पर चस्पा कर दिए गए हैं। इतना ही नहीं प्रबंधन फीजेंटस के बाड़ों पर पैनी नजर रखे हुए है।
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इसके तहत बाड़ों के चारों ओर फॉगिंग मशीन से तीन रसायनों का स्प्रे किया जा रहा है। गौरतलब है कि ग्वालियर के साथ ही दिल्ली के चिड़ियाघर में अब तक बर्ड फ्लू की वजह से 75 पक्षियों की मौत हो चुकी है। इसके बाद से दिल्ली चिड़ियाघर को 45 दिनों के लिए बंद कर दिया गया है।

जू निदेशक धर्म सिंह मीणा की मानें तो नैनीताल जू में बीते एक सप्ताह से बर्ड फ्लू की आशंका को देखते हुए हर स्तर पर विशेष सावधानी बरती जा रही है। इसके लिए जू के हर अधिकारी, वन्य जीव चिकित्सक, बायोलॉजिस्ट व कीपर्स को जरूरी दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। जानवरों की डायट में अंडा व चिकन को फिलहाल पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
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जू के वरिष्ठ वन्य जीव चिकित्सक डॉ. योगेश भारद्वाज ने बताया कि जू में फीजेंट्स के बाड़ों के चारों ओर डाइमिथाइल बैंजाइल अमोनियम क्लोराइड, ग्लूटरलडीहाइड तथा फारमलडीहाइड तीनों रसायनों को मिलाकर उनका स्प्रे किया जा रहा है ताकि किसी भी तरह का वायरस व बैक्टीरिया अंदर प्रवेश न करने पाए।

उन्होंने कहा कि फीजेंट्स के बाड़ों में जिन कीपरों की ड्यूटी तय की गई हैं उनकी अन्य बाड़ों में ड्यूटी नहीं लगाई गई है। उन्हें दास्ताने व फेस मास के बिना बाड़े के भीतर जाने की अनुमति भी नहीं है। उन्होंने कहा कि जू में 20 प्रजातियों के 180 देशी व विदेशी फीजेंट्स हैं।

जू के वन क्षेत्राधिकारी प्रमोद तिवारी ने बताया कि जू में सैलानियों की संख्या बढ़ रही है। जू के कीपर्स को निर्देश दिए गए हैं कि वह सैलानियों को बाड़ों के बिल्कुल नजदीक के बजाए दूर से ही उनके दीदार कराएं।
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