रामनगर (नैनीताल)। पालतू कुत्ते के काटने के तीन दिन बाद ग्राम जस्सागांजा निवासी एक युवक की मौत हो गई। युवक बुधवार को अस्पताल में इंजेक्शन लगवाने पहुंचा था लेकिन इंजेक्शन लगने से पहले ही उसकी अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की सही वजह पता चल सकेगी।
जस्सागांजा की ग्राम प्रधान निधि मेहरा के मुताबिक दिगम्बर सिंह मेहरा (40) पुत्र भीम सिंह मेहरा को तीन दिन पहले गांव के पालतू कुत्ते ने काट लिया था। बुधवार को वह रामनगर के सरकारी अस्पताल में एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगाने गया था। कक्ष में इंजेक्शन लगाने वालों की भीड़ देख वह कुछ देर के लिए वहीं बरामदे में खड़ा हो गया। इसी बीच वह फर्श पर गिर गया और उसकी मौत हो गई। अस्पताल के स्टाॅफ ने उन्हें फोन पर सूचना दी। अस्पताल पहुंचने पर पुलिस से आग्रह कर पोस्टमार्टम कराया गया। कोतवाल अरुण कुमार सैनी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर मौत की सही वजह पता चल पाएगी।
मृतक की है चार बेटियां
ग्राम प्रधान ने बताया कि दिगम्बर सिंह मेहरा पेंटर था और वॉल पेंटिंग करके गुजर बसर करता था। घर में उसकी पत्नी पुष्पा मेहरा और चार बेटियां है। उसके पिता की मृत्यु हो चुकी है। दिगम्बर की मौत से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
यह मरीज बुधवार दोपहर 12 बजकर 50 मिनट पर अस्पताल आया था। फिजीशियन को दिखाने के बाद वह एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने के लिए कक्ष में पहुंचा। वह बिना खाना खाए इंजेक्शन लगवाने आ गया था इसलिए स्टॉफ ने उसे खाना खाकर आने को कहा था। लेकिन कुछ ही देर में वह फर्श पर गिर गया जिससे उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की सही वजह का पता चलेगा।
- डा. प्रतीक सिंह, अस्पताल प्रबंधक
कुत्ते के काटने के रोजाना आते हैं दस मरीज
रामनगर। लावारिस कुत्तों के काटने से अस्पताल में रोजाना दस नए मरीज आ रहे हैं। जिन्हें सरकारी अस्पताल में एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगाए जाते हैं। खताड़ी, भवानीगंज, ढिकुली, टेढ़ा आदि स्थानों पर लावारिस कुत्तों के काटने की घटनाएं होती रहती हैं। शहर के अलावा देहात में भी सामने आती रही हैं। अस्पताल प्रबंधक डाॅ. प्रतीक सिंह ने बताया कि रोजाना अस्पताल में एंटी रैबीज के इंजेक्शन लगाए जाते है। रोजाना दस नए मरीज आ रहे हैं, ऐसे में रैबीज के इंजेक्शन का स्टॉक एडवांस में मंगाकर रखा जाता है।