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चिंताजनक: गौला नदी 30 फीट गहरी हो गई

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गौला में खनन कार्य में जुटे मजदूर। अमर उजाला - फोटो : HALDWANI
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हल्द्वानी। अंधाधुंध खनन के चलते गौला नदी करीब 30 फीट से अधिक गहरी हो चुकी है। खनन के कारण मिट्टी की ढांग गिरने से आए दिन हादसे हो रहे हैं। वन विकास निगम, वन विभाग और खान विभाग गौला नदी से उपखनिज निकासी का लक्ष्य बढ़ाने को लेकर सर्वें कर चुका है, जबकि वाहन स्वामी इसका विरोध कर रहे हैं।
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गौला नदी को हल्द्वानी की लाइफलाइन कहा जाता है। नदी में खनन कार्य से सैकड़ों मजदूर और वाहन स्वामी जुड़े हुए हैं पर सरकारी खजाना भरने के चक्कर में गौला नदी में अंधाधुंध खनिज निकासी हो रही है। नदी में रेता-बजरी कम होने से लगातार गौला को खोदा जा रहा है। मजदूरों की जान जोखिम में डालकर खनन कार्य जारी है।
उपखनिज निकासी बढ़ाने का अधिकारी ही कर रहे विरोध
हल्द्वानी। लापरवाही का आलम यह है कि शासन से बनी टीम गौला नदी से उपखनिज निकासी का लक्ष्य तय बढ़ाने की तैयारी कर रही है। सूत्रों के अनुसार वन विभाग और वन विकास निगम के अधिकारी इसका विरोध कर रहे हैं। गौला नदी से जुड़े कई वाहन स्वामी भी नदी से निकासी बढ़ाने का विरोध कर रहे हैं। वाहन स्वामी पंमी सैफी, मनोज मठपाल ने बताया कि नदी 10 सालों में 30 फीट तक गहरी हो चुकी है। अब नदी से निकलने वाले उपखनिज में 60 प्रतिशत तक मिट्टी आ रही है। इस कारण उपखनिज के रेट भी अच्छे नहीं मिल रहे हैं। लोग गौला का रेता सीधे लेने से मना कर रहे हैं।
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नदी में उपखनिज निकासी के दौरान मिट्टी आ रही है। गौला वाहनों के अब सात चक्कर ही बचे हैं। इसके बाद नदी उपखनिज निकासी के लिए बंद कर दी जाएगी। खनन लक्ष्य बढ़ने की मंजूरी के बाद नदी को फिर खनन के लिए खोला जाएगा।
वाईके श्रीवास्तव, डीएलएम
गौला नदी में सात दिन का उपखनिज बचा
हल्द्वानी। गौला नदी से उपखनिज निकासी का लक्ष्य 32.92 लाख घनमीटर रखा गया था। अब नदी से मात्र 2.5 लाख घनमीटर उपखनिज निकासी ही शेष है। नदी से एक दिन में 30 हजार घनमीटर उपखनिज निकलता है। इस हिसाब से लक्ष्य पूरा होने पर सात दिन में गौला नदी बंद हो जाएगी। ।
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