हल्द्वानी। लॉकडाउन में बिहार के मजदूर ने हरिपुर पूर्णांनद गोरापड़ाव में सोमवार की दोपहर फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस का कहना है कि वह घर जाने के लिए परेशान था। हालांकि पुलिस को यह भी शक है कि पत्नी से फोन पर नोकझोंक होने पर उसने जान दी है। मजदूर ने चार घंटें में पत्नी से पांच बार फोन पर बातचीत की थी।
बिहार के बेतिया जिले के डीही पश्चिमी चंपारन निवासी फैयाज हुसैन अंसारी (30) हरिपुर पूर्णानंद निवासी मकान मालिक ललित सिंह रौतेला के मकान में किराए पर रहता था। चार माह पहले ही वह काम करने के लिए आया था। सोमवार की सुबह उसे मोतीनगर स्थित एक निर्माणाधीन मकान में काम करने के लिए जाना था लेकिन काम पर नहीं गया। ठेकेदार मोहम्मद सफरुद्दीन उसे बुलाने के लिए गया। आवाज देने के बाद दरवाजा नहीं खुला तो ठेकेदार ने रोशनदान से झांका। फैयाज की गर्दन छत की कुंडी से लटकी थी। उसने मफलर का फंदा बनाया था। मंडी चौकी प्रभारी मुन्नौवर हुसैन के साथ पहुंची पुलिस टीम ने दरवाजा तोड़कर शव को उतारा। पता चला है कि फैयाज के तीन बेटे हैं।
कमरे में पड़ा मिला राशन और सब्जी
पुलिस ने सुसाइड नोट के शक में मजदूर के कमरे की तलाश ली। कमरे में राशन और सब्जी पर्याप्त मात्रा में थी। ठेकेदार ने बताया कि मजदूर अनपढ़ था। वह सुसाइड नोट नहीं लिख सकता था। फैयाज आठ साल से हल्द्वानी में काम के लिए आता-जाता था।
पत्नी बोली-सामान्य बातचीत हुई थी
चौकी प्रभारी मुन्नौवर हुसैन ने बताया कि फैयाज का मोबाइल चेक करने पर पता चला है कि उसने अपनी पत्नी वसीमा से सात बजे, आठ, बजे, नौ बजे, 11 बजे तक पांच बार बातचीत की थी। पत्नी से जब इस बारे में पूछा गया तो उसने कहा कि फोन पर सामान्य बात हुई थी। कहा था कि बच्चे घर पर ठीक है। चिंता की कोई बात नही है। घर आराम से आना।
रविवार को काम करने गया था
मजदूर के साथ रहने वाले मजदूर हसन ने बताया कि उसे सुबह काम पर चलने के लिए कहा था लेकिन वह जाने के लिए तैयार नहीं हुआ। उसका कहना था कि वह घर पर ही रहेगा। एक अन्य मजदूर बनारसी यादव ने बताया कि रविवार को वह काम पर गया था। उसने तनाव जैसी बात नहीं बताई।