जिले की आबादी के बाद जंगल की सुरक्षा का जिम्मा भी महिला अधिकारियों को मिला है। सबसे संवेदनशील माने जाने वाले रामनगर, तराई पश्चिमी और तराई केंद्रीय वन प्रभाग के जंगलों की जिम्मेदारी पहली बार महिला अफसर संभालेंगी। दक्षिणी वृत्त का वन संरक्षक भी महिला अफसर को बनाया गया है। तराई के जंगलों में शिकार, अवैध खनन से लेकर बाघ, हाथी आदि बचाने सहित तमाम चुनौतियां हैं।
जंगल की दुरूहता को देखते हुए 1950 के दशक में बाकायदा जंगल में एसडीओ स्तर के अधिकारी पद पर महिला की नियुक्ति न करने की बात विभाग के पुराने लोग बताते हैं। पर वक्त बदला है, तराई का जंगल जो वन विभाग में सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण माना जाता है। जहां पर सबसे सीनियर अफसर से लेकर आईएफएस (काडर) तक को तैनात करने का नियम बनाया गया था, वहां पर महिला अफसर को तैनात करना शुरू किया गया है।
इस बार आईएफएस की तैनाती लिस्ट जारी हुई है, उसमें पश्चिमी वृत्त के तहत आने वाले पांच प्रभाग में तीन प्रभागों का दायित्व कहकशां नसीम(तराई पश्चिमी वन प्रभाग), कल्याणी(तराई केंद्रीय वन प्रभाग) और नेहा वर्मा(रामनगर वन प्रभाग) को सौंपा है। इसके अलावा दक्षिणी वृत्त वन संरक्षक का जिम्मा तेजस्विनी पाटिल को मिला है। दक्षिण वृत्त के अधीन नैनीताल वन प्रभाग आदि आता है।
पुलिस, प्रशासन के अहम पद पर भी तैनात
हल्द्वानी। जिले की पुलिस और प्रशासन में भी महिला अधिकारी महत्वपूर्ण पदों पर तैनात हैं। सुरक्षा का जिम्मेदारी एसएसपी स्वीटी अग्रवाल के पास है, तो प्रशासनिक कार्यों का दायित्व संयुक्त मजिस्ट्रेट वंदना सिंह के पास है।