विश्व महिला दिवस पर राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अमिता लोहनी ने प्रगतिशील समाज में महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण एवं महिलाओं को अपने दृष्टिकोण में व्यापक बदलाव की आवश्यकता पर जोर देते हुए बधाइयां दीं।
उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में मानव समाज जिस तरह जीवन के हर क्षेत्र में प्रगति कर रहा है, उसमें महिलाओं की भूमिका बढ़ रही है। साहित्य, कला, विज्ञान, सिनेमा, पत्रकारिता तथा खेलों में महिलाओं की अभूतपूर्व सफलता दिखती है। हमें घर एवं बाहर अपनी बच्चियों को निर्णय की स्वतंत्रता भी देनी होगी। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि अपनी बच्चियों की काबलियत को सिर्फ इसलिए न कुचला जाए कि वह लड़कियां हैं।
श्रीमती लोहनी ने बताया कि महिलाओं को बराबरी का अधिकार दिलाने के लिए जिला स्तर पर महिला आयोग की छोटी इकाइयों से लेकर राज्य महिला आयोग एवं राष्ट्रीय महिला आयोग जैसे अधिकार सक्रिय हैं। वहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संयुक्त राष्ट्र महिला जैसी विधिक एजेंसियां महिला अधिकारों को प्रोत्साहन करने के लिए समर्पित हैं। आवश्यकता है तो बस हमें इस मनोबल को ऊंचा उठाने की।