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Nainital News: अंकिता को न्याय के लिए महिला कांग्रेसियों ने भरी हुंकार

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नैनीताल। अंकिता भंडारी राज्य अतिथि गृह चौराहे पर स्थानीय विधायक का पुतला फूंकने के लिए महिला कांग्रेसियों की पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई। हालांकि पुलिसकर्मियों ने पुतला छीन लिया। प्रदर्शन में नैनीताल समेत काशीपुर, रुद्रपुर, हल्द्वानी की महिला कांग्रेस कार्यकर्ता भी शामिल हुईं।
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सुबह 11 बजे महिला कांग्रेस कार्यकर्ता नैनीताल क्लब चौराहे पर एकत्र हुई। उन्होंने भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रकरण में संलिप्त वीवीआईपी का नाम सार्वजनिक कर जांच सीबीआई को सौंपने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने विधायक सरिता आर्या से मोबाइल पर वार्ता की। उन्होंने कहा कि कुछ रोज पहले इस संबंध में उन्हें ज्ञापन सौंपा था जिस पर अब तक जवाब नहीं मिला है। इसी कारण यहां प्रदर्शन किया जा रहा है। विधायक ने कहा कि मामले में जांच चल रही है और वह निजी स्तर पर इस कृत्य की घोर निंदा करती हैं। मामले को राजनीतिक रूप देकर प्रदर्शन की निंदा करने पर प्रदर्शनकारी महिलाएं और भड़क गईं। उन्होंने क्लब के गेट के समक्ष विधायक का पुतला जलाने की कोशिश की। इस दौरान पुलिसकर्मियों से उनकी नोंकझोंक भी हुई और कुछ देर जाम की स्थिति भी बनी। मौके पर पहुंचे सीओ रविकांत सेमवाल ने बातचीत कर उन्हें समझाया और पुतला नहीं जलने दिया। प्रदर्शनकारियों में वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष जया कर्नाटक, जिलाध्यक्ष खष्टी बिष्ट, पूजा सिंह, राधा आर्य, मोनिका, सुनीता कश्यप, रजनी, संगीता यादव, सरिता गुरुरानी, गीता बहुगुणा, प्रीति सुहाना, मीना ढाली, गीता मंडल, लता तरुण, देवकी, चंपा सनवाल आदि रहीं।
अंकिता प्रकरण में न्याय के लिए छात्रा ने राष्ट्रपति को पत्र लिखा

लालकुआं। कक्षा 10 की छात्रा संजना बौड़ाई ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर अंकिता भंडाारी को शीघ्र और निष्पक्ष न्याय दिलाने की भावुक अपील की है। छात्रा ने कहा कि एक बेटी को न्याय न मिलना देश की बेटियों को असुरक्षित महसूस कराता है। उनकी बड़ी बहन किसान मंच की प्रदेश प्रवक्ता कुसुम लता बौड़ाई ने भी राष्ट्रपति को पत्र भेजकर मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष सीबीआई जांच की मांग की है। उन्होंने पत्र में आरोप लगाया कि साक्ष्यों के नष्ट होने, गवाहों पर दबाव और वीआईपी संरक्षण की आशंका ने राज्य की जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। संवाद
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