भुजिया घाट में सूर्या गांव के भीतर शराब की दुकान के विरोध में आमरण अनशन कर रहे ग्रामीणों में युवती की हालत बिगड़ गई। सूचना देने के चार घंटे बाद देरी से पहुंचे चिकित्सकों ने युवती को बेस रेफर किया लेकिन उसने जाने से इन्कार कर दिया। बाद में पहुंची पुलिस ने जबरन युवती को एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया।
शराब बंदी संघर्ष समिति सूर्या गांव में शराब की दुकान के विरोध में पिछले 58 दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रही है। समिति ने मंगलवार से आमरण अनशन शुरू किया है। अनशन के दूसरे दिन प्रदर्शन कर रही कुसुम देवी की हालत बिगड़ गई। इस पर प्रदर्शनकारियों ने सीएमओ डॉ. हेमंत कुमार जोशी को सूचना दी।
उनका आरोप है कि सूचना देने के चार घंटे बाद डॉक्टरों की टीम पहुंची। टीम ने चेकअप के बाद महिला को बेस अस्पताल में भर्ती करने के लिए कहा लेकिन महिला ने जाने से इन्कार कर दिया। वह दुकान बंद करने के बाद ही अस्पताल में भर्ती होने की जिद पर अड़ी रही।
इस बीच डॉक्टरों ने पुलिस को सूचना दी। तल्लीताल कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची कुसुम को जबरन उठा कर एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया। इधर तहसीलदार देशराज सिंह भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया तो वे डीएम को बुलाने पर अड़ गए।
ग्रामीणों ने एक स्वर में चेतावनी दी कि गांव में शराब की दुकान किसी भी सूरत में नहीं खुलने दी जाएगी। इस दौरान ग्राम प्रधान नारायण सिंह सूर्या, पूर्व जिपं सदस्य संजय साह, नीमा, कमला जीना, शक्ति, किशोरी सूर्या समेत दर्जनों ग्रामीण शामिल थे।