सुशीला तिवारी अस्पताल को सुपर स्पेशिलिटी हास्पिटल बनाया जाएगा। अस्पताल से अगर बिना इलाज के किसी मरीज को लौटाया गया तो प्राचार्य और एमएस की जिम्मेदारी होगी। यह बात चिकित्सा-शिक्षा सचिव/मंडलायुक्त ने डी सैंथिल पांडियन ने कही।
स्वामी राम कैंसर इंस्टीट्यूट की मशीनों के सीएमसी को लेकर सोमवार को हंस फाउंडेशन के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
पांडियन ने कहा कि सरकारी सुपर स्पेशिलिटी हास्पिटल की कमी है। लाइफ स्टाइल चेंज होने के कारण कैंसर रोगियों की संख्या बढ़ रही है। इसके चलते 30 वर्ष से अधिक की महिलाओं की मेमोग्राफी जांच आवश्यक है।
कहा कि हंस फाउंडेशन की ओर से एक वाहन दिया जा रहा है जो अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। उसमें मेमोग्राफी मशीन भी होगी। वाहन को दूर-दराज के क्षेत्रों में भेजकर महिलाओं की जांच कराई जा सकेगी।
हंस फाउंडेशन के सीईओ एवं रिटायर्ड ले. जनरल एसएम मेहता और चिकित्सा-शिक्षा सचिव/मंडलायुक्त पांडियन ने स्वामी राम कैंसर इंस्टीट्यूट का निरीक्षण किया। इंस्टीट्यूट में रखी मशीनों के बारे में जानकारी ली।
इंस्टीट्यूट के प्रभारी डा. केसी पांडे ने आवश्यक पदों को भरने की मांग की। हंस फाउंडेशन इंस्टीट्यूट की लो एनर्जी लिनियर एक्सीलेटर, हाई एनर्जी लिनियर एक्सीलेटर, सीटी सिमुलेटर और ब्रेकीथैरेपी मशीन की चार वर्षों तक सीएमसी की धनराशि देगा।
सीएमसी की चार वर्षों की धनराशि लगभग 12 करोड़ रुपये होगी। चिकित्सा-शिक्षा निदेशक डा. आशुतोष सयाना ने कहा कि गरीब कैंसर मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। मेडिकल कालेज के लेक्चर थियेटर में एमओयू पर हस्ताक्षर हुए।
उक्त लोगों ने डा. सुशीला तिवारी स्मारक क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन भी किया। इस दौरान प्राचार्य डा. सीपी भैसोड़ा, एमएस डा. एके पांडे, डा. अरुण जोशी, डा. आरजी नौटियाल, डा. जीएस तितियाल, डा. विवेकानंद सत्यवली, पारितोष पंत, आलोक उप्रेती आदि थे।