मुख्यमंत्री हरीश रावत ने नैनीताल को पर्यटन की जननी बताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार राज्य में पर्यटन को नए आयाम देने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के हर शहर और कस्बे का अपना पुरातन इतिहास है। इन क्षेत्रों को इसी दिशा में पर्यटन से जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री विंटर कार्निवाल के समापन अवसर पर आयोजित टी विद सीएम कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि नैनीताल, मसूरी के अलावा पर्यटकों ने दयारा बुग्याल, पांडुकेश्वर, औली, गुंजी, मुनस्यारी, केदारनाथ-बदरीनाथ, हरिद्वार, नानकमत्ता, हेमकुंड साहिब और पिरान कलियर का रुख किया है। प्रदेश में ऐरो स्पोर्ट्स, हैली हिम दर्शन, हॉट एयर बैलून, माउंटेन बाइकिंग, पैराग्लाइडिंग की योजना को पर्यटन से जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी तक शिवपुरी और ऋषिकेश में ही रीवर राफ्टिंग हो रही थी।
अब सरकार ने पंचेश्वर, जौलजीवी, चंद्रपुरी और पूर्णागिरी (टनकपुर) को भी रिवर राफ्टिंग कराने के लिए चिहिृनत किया गया है। प्रदेश में आने वाले पर्यटक यहां के वनों में निवास करने वाले गुलदार, लैपर्ड के साथ वक्त गुजारें, सेल्फी ले सके इसके लिए यहां के वन्य पार्कों में लैपर्ड सफारी की व्यवस्था भी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में तीन बटरफलाई पार्क और बर्ड फेस्टिवल आयोजित करने की कार्य योजना सरकार ने तैयार की है। उन्होंनेे कहा कि उत्तराखंड का पहनावा, संस्कृति, लोकगीत, लोकसंगीत सादगी से भरे हैं। इनका अध्य्यन करने के लिए प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में होम स्टे योजना पर कार्य कर रही है। रावत ने कहा कि उत्तराखंड अध्यात्म एवं ज्ञान की देवभूमि है। इस भूमि का योग विद्या से भी गहरा नाता रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए योग कुंभ का आयोजन किया जा रहा है।
उन्होंने पर्यटकों को अर्द्धकुंभ में आने का न्योता दिया। सीएम ने कहा कि सरकार कि हल्द्वानी महानगर में अंतरराष्ट्रीय जू और जियोलिजिकल पार्क का निर्माण शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष प्रदेश में लगभग 15 लाख पर्यटकों ने अपनी आमद दर्ज कराई है।
इस मौके पर विधायक सरिता आर्य, विधायक हेमेश खर्कवाल, सदस्य मलिन बस्ती सुधार खजान पांडे, मोहन गिरी गोस्वामी, अध्यक्ष आपदा प्रबंधन प्रयागदत्त भट्ट, उपाध्यक्ष जलागम प्रबंध दिनेश कुंजवाल, मुख्य प्रधान सचिव राकेश शर्मा, मारूती साह, राम सिंह कैड़ा, मुन्नी तिवारी, गजाला कमाल, मुकेश जोशी, मो.नदीम, अजय साह, जहूर आलम, ललित पंत, जया बिष्ट, मौ. अनवार, धर्मेन्द्र शर्मा, केदार पलडिया, त्रिभुवन फर्त्याल, आयुक्त एएस नयाल, डीआईजी पुष्कर सिंह सैलाल, डीएम दीपक रावत, प्रबंध निदेशक धीराज सिंह गर्ब्याल, एसएसपी स्वीटी अग्रवाल आदि मौजूद थे। संचालन हेमंत बिष्ट और नवीन पांडे ने किया।