कोसी नदी का जलस्तर पिछले वर्षों के मुकाबले काफी घट गया है। अगर हालात ऐसे ही रहे तो कोसी नदी से सिंचित होने वाले दर्जनों इलाकों को इस बार पेयजल संकट से जूझना पड़ सकता है। वहीं, लगातार जलस्तर घटने से कोसी नदी में विचरण करने वाले मेहमान विदेशी परिंदे सुर्खाब भी नदी के किनारे आने को मजबूर हैं।
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सुधीर कुमार ने बताया वर्ग 2015 में 10370 एमएम वर्ष होने से कोसी नदी का जलस्तर 40462 क्यूसेक पहुंच गया था। लेकिन वर्तमान में यह जलस्तर घटकर 172 क्यूसेक रह गया है। उन्होंने बताया समय से वर्षा नहीं हुई तो कोसी नदी पर आधारित दर्जनों गांव, शहरों में पेयजल संकट पैदा हो सकता है।
वहीं यूपी को जाने वाली नदियां भी प्यासी रह सकती है। क्योंकि कोसी का जलस्तर बढ़ने पर कोसी फिटर से ढेला नदी में पानी छोड़ा जाता है, जो तुमड़िया डाम होते हुए यूपी की नदियों को प्रवाहित होता है और तमाम इलाकों को सिंचित करता है।