भाजपा प्रत्याशी दीवान सिंह बिष्ट के समर्थन में आयोजित जनसभा के लिए पहुंचे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भरा मैदान देखकर गदगद दिखे। शाह ने करीब 18 मिनट के भाषण में केंद्र की उपलब्धियां का बखान ज्यादा किया।
उन्होंने कांग्रेस की प्रदेश सरकार और राहुल गांधी पर हमले तो किए, लेकिन ज्यादा समय नहीं। शाह ने अपने भाषण में समयाभाव के लिए लोगों से माफी भी मांगी।
एमपी इंटर कॉलेज के खेल मैदान में हुई जनसभा में शाह पर समय का अभाव साफ दिखा। उन्होंने जनता का आभार जताने के बाद सीधे समयाभाव के लिए माफी मांगते हुए कहा कि बोलना तो बहुत कुछ चाहता था, लेकिन समय थोड़ा कम है।
अब यह समय की कमी का दबाव था या जानकारी का, कि शाह ने भाषण के शुरूआत में ही रामनगर को ‘रामपुर’ बना दिया। शाह ने करीब आठ मिनट में केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाईं, उत्तराखंड के लिए विकास का खाका पेश किया,
प्रदेश में चारधाम की सुगम यात्रा के लिए बनाए जाने वाले सड़कों के जाल और पलायन रोकने की योजना पर फोकस के अलावा पार्टी प्रत्याशी के लिए वोट मांगे। अगले पांच मिनट में राष्ट्रीय अध्यक्ष ने राहुल गांधी, मनमोहन सिंह और उसके अगले पांच मिनट में हरीश रावत सरकार पर हमले किए।
अपने अनोखे अंदाज में भाषण देने वाले अमित शाह ने करीब 18 मिनट तक बोलने के बाद जनता से अपील की कि चुनाव में कांग्रेस की जमानत जब्त करानी है, इसलिए भाजपा को अधिक से अधिक वोटों से विजयी बनाएं।
खुद को जनता से जोड़ते हुए शाह ने कहा कि आप बिष्ट जी (पार्टी प्रत्याशी) को तो जिता ही रहे हो, क्या कांग्रेस की जमानत जब्त कराने के लिए और बोलूं? इस पर मुस्कुराते हुए जनता ने भी न कहकर समर्थन दिया। इस पर भी शाह ने चुटकी ली और मुस्कुराते हुए बोले यह तो कोई बात नहीं हुई तथा भाषण खत्म कर दिया।