कालाढूंगी स्थित निहाल नदी से रेता-बजरी निकालने का परमिट नहीं मिलने से नाराज कोटाबाग के ग्रामीणों ने बुधवार को आपदा प्रबंधन समिति अध्यक्ष प्रयाग भट्ट के साथ डीएफओ रामनगर कहकशां नसीम से वार्ता की।
ग्रामीणों ने वन विभाग पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कोटाबाग के 20 गांवों के ग्रामीण कई वर्षों से निहाल से उपखनिज निकालते हैं, लेकिन इस बार रामनगर वन प्रभाग ने इस पर प्रतिबंध लगा दिया है। जिससे क्षेत्रवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने शीघ्र उपखनिज नहीं मिलने पर आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। डीएफओ ने ग्रामीणों को बताया नदी में रेता-बजरी नहीं होने पर रोक लगाई गई है।
अधिकारियों को पत्र भेजकर जल्द समस्या का समाधान किया जायेगा। वहीं, आपदा प्रबंधन समिति अध्यक्ष प्रयाग भट्ट ने ग्रामीणों की इस समस्या को मुख्यमंत्री के सामने रखने की बात कही है। इस दौरान एसडीओ जीएस कार्की, रेंजर शेखर तिवारी, पूर्व जिपं सदस्य नीरज तिवारी, ललित पंत, कमल जोशी, गोपाल बिष्ट, उमेश तिवारी, महेश मासीवाल आदि मौजूद रहे।