कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य द्वारा भाजपा का दामन थामे जाने से कुमाऊं में कांग्रेस का दलित वोट बैंक प्रभावित हो सकता है। अब देखना यह है कि भाजपा कांग्रेस के परंपरागत वोट को प्रभावित करने में यशपाल आर्य का कितना उपयोग करेगी।
कुमाऊं मंडल में अनुसूचित जाति, जन जाति का एक बड़ा तबका है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार मंडल में अनुसूचित जाति की आबादी 820287 और अनुसूचित जन जाति की आबादी 154669 है।
मंडल मेें दोनों वर्गों की सर्वाधिक आबादी ऊधमसिंह नगर जिले में है। अनुसूचित जाति और जन जाति के इस वोट बैंक को कांग्रेस का परंपरागत वोट माना जाता है। कांग्रेस भी इस वोट बैंक पर अपना एकाधिकार मानती आई है।
लेकिन इस बार ठीक विधान सभा चुनाव में प्रदेश की पहली निर्वाचित सरकार में विधान सभा अध्यक्ष, उसके बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान कांग्रेस सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे यशपाल आर्य ने भाजपा का दामन थाम लिया है।
यशपाल आर्य से मंडल में अनुसूचित जाति, जन जाति का एक बड़ा तबका जुड़ा हुआ है। मंडल में तकरीबन सभी जगहों में उनके समर्थक है। खासतौर पर ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जिले में इस वर्ग के लोगों में उनकी अच्छी पकड़ भी मानी जाती है।
ऐसे में ऐन चुनाव के समय यशपाल आर्य द्वारा कांग्रेस को अलविदा कहकर भाजपा का दामन थामने से कांग्रेस का यह वोट बैंक प्रभावित होना तय माना जा रहा है।