नैनीताल। हाईकोर्ट ने कुमाऊं विवि के कुलपति की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता से पूछा है कि नियुक्ति के लिए बनाई सर्च कमेटी में कौन-कौन सदस्य शामिल थे। जस्टिस आलोक वर्मा ने यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि कमेटी में वह (आलोक वर्मा) भी थे या नहीं। बता दें कि सर्च समिति में एक न्यायाधीश भी शामिल होते हैं। मामले की अगली सुनवाई के लिए 19 जुलाई की तिथि नियत की गई है।
मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार देहरादून निवासी रवींद्र जुगरान ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर विवि के कुलपति प्रो. एनके जोशी की नियुक्ति को चुनौती दी थी। याचिका में पद की निर्धारित योग्यता व अर्हता पूरी न करने, बायोडाटा में दी गई जानकारियों में विसंगति होने, यूजीसी के नियमों के अनुरूप किसी मान्य विवि में निर्धारित अवधि तक प्रोफेसर न रहने आदि आरोप लगाए थे।