वर्षों से आश्वासन के सहारे एचएमटी कालोनी में रहने वाले परिवारों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है कि वे अब कहा जाएंगे। एचएमटी की खस्ताहाल कालोनी के कुछ मकान तो पहले ही खाली हो गए थे।
जहां परिवार रह रहे हैं वहां सवाल खड़ा हो गया है कि क्या आने वाले समय में कालोनी खाली कराई जाएगी या पुनर्वास के तहत परिवारों को छत मिलेगी। सरकार क्या एचएमटी परिसर संपत्ति का निस्तारण कालोनी को बाहर रखकर करेगी।
भीमताल रोड पर एचएमटी कालोनी में लगभग 250 मकान हैं। जबकि फैक्ट्री के पास 75 मकान हैं। इनमें 200 मकानों में परिवार निवास कर रहे हैं। 50 मकान बेहद जर्जर हैं।
फैक्ट्री परिसर के पास तो कई ब्लाक काफी जर्जर हो चुके हैं, जबकि 125 मकान खाली पड़े हैं। इसमें ए श्रेणी के मकान कर्मियों को, जबकि बी, सी और डी अधिकारी वर्ग के लोगों को मिलता है। बी, सी और डी मकान भी अधिकारियों की श्रेणी के अनुसार आवंटित होते हैं।
सवाल ये है कि एचएमटी की बंदी के बाद कालोनी में बसे परिवार कहां जाएंगे। क्या सरकार कर्मियों को मकान बेच देगी या फिर पुनर्वास के तहत इनको कहीं और छत दी जाएगी। मकानों में बसे परिवारों का भविष्य क्या होगा इसका जवाब भविष्य में निहित है।