दिल्ली, लखनऊ आदि शहरों की तर्ज पर हल्द्वानी में घूमने-फिरने की जगह विकसित की जाएंगी। वन विभाग ने शहर के हर मुख्य मार्ग पर एक इको टूरिज्म सेंटर विकसित करने की योजना बनाई है। प्रारंभिक तौर पर प्रस्तावित योजनाओं के निरीक्षण का काम भी पूरा हो गया है।
सामान्य तौर पर अगर हल्द्वानी के लोगों को परिवार के साथ घूमना हो तो उनके पास नैनीताल, भीमताल आदि जगहों का ही जाने का विकल्प होता है। ऐसे में हल्द्वानी में टूरिज्म से जुड़ी सुविधाओं को विकसित करने का काम शुरू करने के साथ योजनाएं बनाई गई हैं।
इसी के तहत शहर के मुख्य मार्गों पर टूरिज्म सेंटर विकसित करने का खाका खींचा गया है। पश्चिमी वृत्त वन संरक्षक डा. पराग मधुकर धकाते कहते हैं कि रामनगर वन प्रभाग को कालाढूंगी रोड पर लामाचौड़ क्षेत्र में करीब डेढ़ हेक्टेयर में आर्किड गार्डन विकसित करने को कहा है। शहर में संग्रहालय की कमी महसूस होती है, जो गौरवशाली अतीत को नई पीढ़ी तक पहुंचा सके।
इसके मद्देनजर तरह उत्तराखंड मुक्त विवि के सहयोग से संग्रहालय विकसित करने की दिशा में काम चल रहा है। प्रभागीय वनाधिकारी हल्द्वानी डा. चंद्रशेखर सनवाल कहते हैं कि इसे बाईपास या रामपुर रोड पर विकसित करने की मंशा है। संग्रहालय में पहले चरण में वन विभाग के इतिहास से जुड़ी वस्तुओं को प्रदर्शित किया जाएगा।
इसके बाद अन्य विषय से जुड़ी चीजों को संकलित किया जाएगा। इसके अलावा रॉक गार्डन भी काठगोदाम-चोरगलिया रोड पर एनएचपीसी गेस्ट हाउस के पास बनाने की योजना है। विभागीय अधिकारियों के रामपुर रोड पर संजय वन, सितारगंज से आने पर नंधौर अभ्यारण्य, फिर प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय चिड़ियाघर आयेगा। इससे कोई भी व्यक्ति किसी भी दिशा या मार्ग पर जाएगा, उसको एक इको टूरिज्म सेंटर मिलेगा।