फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कुमाऊं में कब होगी सवा अरब की वसूली

Sun, 04 Sep 2016 12:18 AM IST
विजेंद्र श्रीवास्तव
विज्ञापन
विज्ञापन
नदियों में अवैध खनन और जमीन को खोखला करने से लेकर मनमाने तरीके से खनिज का भंडारण करने वाले बेखौफ है। कार्रवाई के नाम पर कुछ पर जुर्माना तो खूब ठोका गया, लेकिन नियमों और कथित तौर पर सेटिंग का लाभ उठाकर जुर्माने वसूला ही नहीं गया।
विज्ञापन


कुमाऊं में करीब सवा अरब रुपये की जुर्माना राशि वसूली जानी है। सरकारी अफसर केवल फाइल चला रहे हैं और सफेदपोशों के संरक्षण की आड़ में अवैध खनन करने वाले दिन-रात नदियों का सीना चीर रहे हैं।

कुमाऊं में छह साल में खान विभाग ने प्रशासन के सहयोग से खनिज, मिट्टी, खड़िया आदि के अवैध खनन और भंडारण करने वालों के खिलाफ ताबड़तोड़ छापे मारे। नैनीताल और ऊधम सिंह नगर जिले में करीब चार महीने पहले ही वन निगम ने ताकतवर स्टोन क्रशरों पर 35 करोड़ का जुर्माना लगाया।
विज्ञापन


लेकिन यह जुर्माना आज तक नहीं वसूला गया। नैनीताल जिले में ही 85 लोग ऐसे हैं, जिन पर अवैध खनन करने पर जुर्माना लगाया गया, लेकिन उन्होंने नियमों, कानून को ठेंगा दिखाते हुए आज तक एक धेला भी जमा नहीं किया।

इन लोगों के खिलाफ 11.37 करोड़ की जुर्माना जमा नहीं करने पर आरसी काटी गई है। इस तरह अगर दोनों आरसी और जुर्माने की राशि को जोड़ दिया जाए तो 46.37 करोड़ रुपये सीधे-सीधे वसूले जाने हैं।

नैनीताल जिले की बात करें तो 2010 से 2015 की अवधि का करीब 50 करोड़ का जुर्माना जमा होना बाकी है। बाकी अनुमान है कि ऊधम सिंह नगर जिले और अन्य जिलों में 30 करोड़ तक का और बकाया हो सकता है।


‘जुर्माना लगाने की संस्तुति डीएम को भेजी जाती है। अगर व्यक्ति सहमत नहीं है, तो वह डीएम, कमिश्नर और शासन से चरणबद्ध तरीके से अपील कर सकता है। वह कोर्ट भी जा सकता है। इस कारण भी कई बार जुर्माना लंबित रहता है। कई मामलों में जुर्माना स्टे वाले केसों पर भी नहीं वसूला गया है। कुमाऊं में 35 करोड़ का जुर्माना वसूलने के लिए छह महीने की अवधि में आरसी भी काटी गई है। इसमें कितना जमा हुआ है, इसकी जानकारी नहीं है।
विज्ञापन
- राजपाल लेघा, उप निदेशक खनन।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें