हल्द्वानी में नगर निगम के नए वार्डाें से हाउस टैक्स वसूलने की कवायद शुरू हो गई है। जीआईएस मैपिंग के बाद 40 हजार भवन स्वामियों को घर-घर जाकर नोटिस देने के साथ ही जीआईएस डाटा का मौके पर ही सत्यापन कराया जाएगा। इसमें टीम लोगों से उनकी प्रापर्टी और जमीन के स्वामित्व से संबंधित जानकारी लेगी। इसी के अनुसार भवन कर का निर्धारण होगा। सत्यापन के लिए टेंडर प्रक्रिया होने के साथ ही वर्ष 2028 से आवासीय भवनों से टैक्स वसूली की ओर भी निगम ने कदम बढ़ा दिए हैं।
शहरी विकास विभाग की ओर से पूर्व में नगर निगम के वार्डाें के भवनों की जीआईएस मैपिंग कराई गई थी। इसमें टीम ने डोर-टू-डोर पहुंचने के साथ ही ड्रोन से डाटा एकत्र किया था। मैपिंग में भवन का क्षेत्रफल, निर्माण की लंबाई-चौड़ाई के साथ ही टेलीफोन नंबर और आधार कार्ड की जानकारी ली गई थी। यह काम पूरा होने के बाद अब डाटा का मिलान किया जाना है ताकि कोई कमी या त्रुटि होने पर उसे संशोधित किया जा सके।
आवासीय भवनों से अप्रैल 2028 से वसूला जाएगा कर
नगर निगम की ओर से नए वार्डाें के व्यावसायिक भवनों का डाटा एकत्र करने के बाद सत्यापन करा लिया गया है। करीब पांच हजार भवन चिह्नित किए गए हैं। इनसे अब टैक्स वसूली की जा रही है जबकि आवासीय भवनों से अप्रैल 2028 से कर वसूला जाएगा। निगम अधिकारियों के अनुसार घर-घर सत्यापन के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जा रही है। चयनित कंपनी की टीम के घर पहुंचने पर भवन स्वामी सत्यापन संबंधी जानकारी मौके पर ही दे सकता है। नहीं तो तय समय के भीतर उसे निगम कार्यालय में इसे उपलब्ध कराना होगा। तय समय में भवन संबंधी जानकारी न देने पर जीआईएस मैपिंग के डाटा को ही दर्ज कर लिया जाएगा।
नए वार्डाें से हाउस टैक्स वसूलने से पहले मकानों की सही जानकारी जुटाई जा रही है। इसके लिए जल्द टीम घर-घर जाकर सत्यापन करेगी। - गजराज सिंह बिष्ट, मेयर