बैंक का कर्मचारी बनकर जालसाजों ने एक व्यक्ति से उसके एटीएम के बारे में जानकारी ली। दो माह बाद मंगलवार को खाताधारक ने अपना खाता चेक किया तो खाते में 39 रुपए ही मौजूद थे। जालसाजों ने खाते से एक लाख 51 हजार रुपए निकाल लिए थे। इस घटना से खाताधारक का अपने बैंक के अधिकारियों से भरोसा टूट गया। वह शिकायत करने बनभूलपुरा थाने पहुंचा तो पुलिस ने उसकी एक नहीं सुनी। पुलिस का कहना है कि यह मामला देहरादून स्थित साइबर सेल ही देख सकता है। भुक्तभोगी बैंक और थाने के बीच चक्कर लगाते-लगाते परेशान हो गया है।
उजालानगर वार्ड 14 निवासी इसहाक अहमद ने बताया कि उसका खाता देना बैंक में है। दो माह पहले इसहाल के मोबाइल पर एक जालसाज ने फोन कर कहा कि वह देना बैंक के हेडआफिस से बोल रहा है। झांसे में आकर खाताधारक ने अपने एटीएम के नंबर और पासवर्ड के बारे में जानकारी दे दी। शक होने पर उसने अपने बैंक के शाखा प्रबंधक से इसकी शिकायत की।
उस समय बैंक के शाखा प्रबंधक ने कहा कि अपना पासवर्ड बदल लो, कुछ नहीं होगा। बैंक में भरोसा कर खाताधारक घर चला गया। मंगलवार को इसहाक पैसा निकालने के लिए पहुंचा तो खाते में सिर्फ 39 रुपए मौजूद थे। जांच से पता चला कि जालसाज ने खाते के पैसे से काफी खरीदारी की है। उसने बैंक को घटना की जानकारी देने के बाद बनभूलपुरा थाने में तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने से इनकार कर दिया।