आउटसोर्स से भरे गए ड्राइवरों के ड्यूटी पर न पहुंचने से सोमवार को दिल्ली, देहरादून, बरेली समेत विभिन्न रूटों की 12 बसें नहीं चल पाईं। इससे यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई यात्री टैक्सियां बुक करके गंतव्य स्थान तक पहुंचे।
रोडवेज प्रबंधन की अपनी सुविधा के लिए शुरू की गई ठेका व्यवस्था अब उसके लिए ही सिरदर्द बनती जा रही है। आउटसोर्स चालकों के लगातार अनुपस्थित रहने या ड्यूटी पर देरी से पहुंचने के कारण लंबे और स्थानीय रूटों पर बस सेवाएं बुरी तरह लड़खड़ा गई हैं।
सोमवार को चालकों के अनुपस्थित रहने के कारण दिल्ली रूट की चार, देहरादून, टनकपुर, नैनीताल की दो-दो, बरेली व जंगलिया गांव की एक-एक बस सेवा रोकनी पड़ी। सैकड़ों यात्री घंटों बसों की बाट जोहने के साथ ही टाइम ऑफिस में बसों के संचालन के बारे में पूछते रहे।
अपरान्ह के समय हुई बारिश के बीच यात्री बसों का इंतजार करते रहे। पांच दिन पहले भी चालकों के अभाव में 10 बस सेवाएं रोकनी पड़ी थीं। इस संबंध में मंडलीय प्रबंधक (संचालन) कुशीराम से मोबाइल पर संपर्क नहीं हो सका।
इन रूटों पर रोकी गई बस सेवाएं
रूट संख्या
दिल्ली चार
देहरादून दो
नैनीताल दो
टनकपुर दो
बरेली एक
जंगलिया गांव एक